क्या लंबे समय से पनप रहे तनाव के कारण चौमूं में हुई हिंसा? पूर्व पुलिस अधिकारी के बयान ने चौंकाया

Rajasthan News: चौमूं में मामूली विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया था. जहां पत्थरबाजी और आगजनी के बाद पुलिस ने 19 गिरफ्तारियां की. घटनास्थल पर सुरक्षा बढ़ान के साथ-साथ फ्लैग मार्च कर 3 दिनों तक इंटरनेट बंद किया गया था. लेकिन ऐसा क्यों हुआ कि एक विवाद ने इतना बड़ा हिंसात्मक रूप लिया.

क्या लंबे समय से पनप रहे तनाव के कारण चौमूं में हुई हिंसा? पूर्व पुलिस अधिकारी के बयान ने चौंकाया
Image Credit: chomu stone pelting incident violence reason

Chomu Violence Explainer: चौमूं में हाल ही में हुई हिंसा ने शहर को सकते में डाल दिया. हिंसा पर एक वरिष्ठ पूर्व पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह अचानक हमला नहीं था, बल्कि लंबे समय से पनप रहे तनाव का परिणाम था. मामूली विवाद से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते सामूहिक उग्र रूप ले लिया. पत्थरबाजी, आगजनी के प्रयास और सरकारी संपत्ति को नुकसान – यह सब उसी रात हुआ.

कैसे शुरू हुआ विवाद?
मामला शुरू हुआ शहर के बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित एक धार्मिक स्थल के बाहर पड़े पत्थरों को हटाने से. स्थानीय पुलिस का कहना है कि पत्थर हटाने से पहले स्थानीय लोगों से सहमति ली गई थी और काम शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कर लिया गया. लेकिन जब वहां लोहे की रेलिंग लगाई जाने लगी, तो कुछ हिंदू संगठनों को यह नागवार गुजरा. सोशल मीडिया पर पोस्ट होने लगे और माहौल गर्म हो गया.

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रात का घटनाक्रम
25 दिसंबर की रात को पुलिस ने समुदाय विशेष के लोगों से रेलिंग हटाने को कहा, लेकिन यह नहीं हटाई गई. आधी रात को पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिससे पत्थरबाजी शुरू हो गई. भीड़ ने पुलिस पर हमला किया और स्थिति बिगड़ गई. पुलिस के एक पूर्व अधिकारी के अनुसार, यदि पहले खुफिया इनपुट पर कार्रवाई होती, फ्लैग मार्च और स्थानीय प्रतिनिधियों से संवाद बढ़ाया जाता, तो हिंसा को काफी हद तक रोका जा सकता था.

पुलिस की कार्रवाई
स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और संदिग्धों की पहचान कर 19 लोगों को गिरफ्तार किया. ड्रोन से निगरानी और फ्लैग मार्च के बाद इलाके में सन्नाटा छा गया. पुलिस टीमें मोहल्लों में घुसीं और जिन लोगों पर पथराव में शामिल होने का शक था, उन्हें हिरासत में लिया गया.

प्रशासन और सुरक्षा उपाय
हिंदू संगठनों ने भी सड़क पर अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपील की. तनाव को देखते हुए धार्मिक स्थल के आसपास हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात किए गए और कुछ नमाज अदा करने आए लोगों को एहतियातन वापस भेज दिया गया.

इंटरनेट बंद और कानून-व्यवस्था
सुरक्षा के मद्देनजर चौमूं में इंटरनेट सेवाएं 28 दिसंबर सुबह 7 बजे तक बंद रखी गईं. पहले यह पाबंदी 27 दिसंबर तक थी, लेकिन अफवाह फैलने की आशंका को देखते हुए इसे बढ़ा दिया गया. प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी था.

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SAGAR CHAUDHARY

SAGAR CHAUDHARY

सागर चौधरी एक अनुभवी और समर्पित सब-एडिटर हैं, जो वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में करीब 2 साल का अनुभव है, और इस दौरान उन्होंने तेज, सटीक और भरोसेमंद न्यूज़ कंटेंट तैयार करके अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है. राजस्थान की हर बड़ी और छोटी खबर पर उनकी अच्छी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है. अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं. सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
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