11 हजार पंचायतों में हाहाकार! चुनाव लटके तो 5500 करोड़ का बजट भी गया अटक

Rajasthan News: राजस्थान में पंचायत चुनाव टलने से 11 हजार पंचायतों में बजट का भारी संकट, सफाई और पेयजल कार्य ठप. FFC व SFC की कुल चार किस्तों में करीब 5500 करोड़ अटके. वित्त आयोग ने चुनाव न होने पर फंड रोका. सरपंचों की मांग चुनाव व बजट जल्द जारी हों.

11 हजार पंचायतों में हाहाकार! चुनाव लटके तो 5500 करोड़ का बजट भी गया अटक
Image Credit: panchayat raj department

Panchayat Budget: पंचायत चुनाव से पहले गांव की सरकार में बजट का संकट देखने को मिल रहा है. केंद्र और राज्य का बजट अटकने गांवों की विकास की रफ्तार थम गई है. गांवों में सफाई और पेयजल कार्य रुके हुए है, जिससे 11 हजार पंचायतों में दिक्कतों का सामना करना पड रहा है. केंद्र से बजट ना आने के पीछे राज्य में पंचायत चुनाव समय पर नहीं होना माना जा रहा है.

FFC-SFC की दो दो किश्ते अटकी
चुनाव से पहले गांव की सरकार में बजट के संकट से जूझ रही है. प्रशासक बने सरपंचों का दावा है कि केंद्र और राज्य सरकार का करीब 5500 करोड का बजट अटका है. जिसमें केंद्र सरकार से FFC( Fifteenth Finance Commission) की 1400-1400 करोड की 2 किश्ते रुकी है. जिससे गांवों में सफाई कार्य और पेयजल का काम बाधित है. वहीं राज्य वित्त यानी SFC की 1300-1300 करोड की 2 किश्ते अटकी है. बजट के संकट से गांव में विकास की रफ्तार कमजोर हो गई है. विभागीय सूत्रों का दावा है कि वित्त आयोग द्धारा फंड रोके जाने के पीछे पंचायतीराज चुनाव नहीं होने को कारण माना जा रहा है. केंद्रीय वित्त आयेाग की गाइड लाइन है कि जो राज्य समय पर पंचायत चुनाव नहीं कराते उन्हें फंड जारी नहीं होगा. चुने हुए जनप्रतिधि ही ग्राम पंचायत की धुरी है, ऐसे में प्रशासकों को बजट जारी नहीं किया जा रहा है. हालांकि पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर दावा कर चुके है कि राजस्थान की पंचायतों में बीएसआर रेट से साफ सफाई की जा रही है, लेकिन बजट पंचायतों में बजट ही नहीं तो कैसे साफ सफाई हो पाएगी?

Add Zee News as a Preferred Source

राष्ट्रीय सरपंच संघ ने की सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द बजट का संकट दूर किया जा सके. राष्ट्रीय सरपंच संघ अध्यक्ष जयराम पलसानिया का कहना है कि जब से सरपंच प्रशासक लगे है तब से बजट नहीं मिला. वहीं काम न होने पर सरकार ने 100 से अधिक पंचायतों में प्रशासकों पर एक्शन लिया है और 25 को बर्खास्त किया है. जबकि सरपंचों का दावा है कि 200 प्रशासकों पर कार्रवाई की गई.

कब होंगे पंचायत चुनाव?
बजट संकट के बीच अब सवाल ये भी है कि राजस्थान में कब पंचायत चुनाव होंगे? क्योंकि पंचायतों में तो सरपंचों को ही प्रशासकों की जिम्मेदारी दे दी, लेकिन अभी भी पंचायत समितियों, जिला परिषदों, पंचायत समितियों में कार्यकाल खत्म नहीं हुआ है. ऐसे में क्या पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य, प्रधान और जिला प्रमुख चुनाव की घोषणा बाद में होगी? 21 जिला परिषदों और 222 पंचायत समितियों के सदस्यों और प्रधान, जिला प्रमुखों का कार्यकाल नवंबर, दिसंबर में खत्म होगा. 6 जिला परिषदों और 78 पंचायत समितियों का कार्यकाल अगस्त-सितंबर 2026 में खत्म होगा. 4 जिला परिषदों और 30 पंचायत समितियों का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2026 में खत्म होगा.

कब तक अटका रहेगा बजट?
राजस्थान में पंचायत चुनाव तब ही होंगे, जब ओबीसी आयोग की रिपोर्ट जाएगी. अब तक सर्वें की कार्रवाई शुरू नहीं हुई. वहीं हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल तक चुनाव करवाने के निर्देश दिए. अब सरपंचों के बीच यही कश्मकश की स्थिति बनी हुई है कि क्या पंचायत चुनाव के बाद ही बजट जारी होगा? चर्चा ये भी है कि प्रशासकों को FFC की राशि जारी नहीं होती. जिस कारण पंचायतों में बजट का संकट देखने को मिल रहा है. यानि जब चुनाव होंगे तब ही गांव की सरकार में बजट आएगा?

राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Jaipur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author

SAGAR CHAUDHARY

SAGAR CHAUDHARY

सागर चौधरी एक अनुभवी और समर्पित सब-एडिटर हैं, जो वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में करीब 2 साल का अनुभव है, और इस दौरान उन्होंने तेज, सटीक और भरोसेमंद न्यूज़ कंटेंट तैयार करके अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है. राजस्थान की हर बड़ी और छोटी खबर पर उनकी अच्छी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है. अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं. सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
Read More