'नौ दिन चले अढाई कोस' की तर्ज BJP की कार्यकर्ता सुनवाई, मात्र 5 दिन चलकर हुई बंद

Rajasthan News: बीजेपी प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ता जनसुनवाई केवल पांच दिन चली और अचानक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. कांग्रेस नेता खाचरियावास ने कहा, "जनसुनवाई की हवा निकल गई." कार्यकर्ता अब मंत्रियों तक पहुंचने के लिए इंतजार में.

'नौ दिन चले अढाई कोस' की तर्ज BJP की कार्यकर्ता सुनवाई, मात्र 5 दिन चलकर हुई बंद
Image Credit: BJP jan sunwai jaipur

Jaipur News: बीजेपी प्रदेश कार्यालय में शुरू हुई कार्यकर्ता जनसुनवाई ''नौ दिन चले अढाई कोस'' की तर्ज पर बंद कर दी गई. कार्यकर्ता सुनवाई मात्र 5 दिन चलाकर ही अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी गई. अब कार्यकर्ताओं को मंत्रियों तक अपनी समस्याएं पहुंचाने के लिए कितना इंतजार करना पड़ेगा, यह पता नहीं ? वहीं दूसरी ओर जनसुनवाई स्थगित होने के बाद भी कुछ कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय पहुंच गए जिन्हें बैरंग लौटना पड़ा. इधर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कटाक्ष करते हुए कहा कि बीजेपी में जनसुनवाई की हवा निकल गई.

राजस्थान में बीजेपी सरकार बनने के बाद मंत्रियों ने कार्यकर्ताओं की फरियाद नहीं सुनीं. कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के साथ ही पार्टी के अन्य मंचों पर मंत्रियों के उनकी सुनवाई नहीं करने की शिकायतें की. इसका असर यह हुआ कि करीब दो साल बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक दिसम्बर से बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मंत्री दरबार लगाने के निर्देश दिए. इसके लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, मंगलवार, बुधवार को दो दो घंटे दो दो मंत्रियों को सुनवाई के लिए पाबंद किया गया. इसके लिए बाकायदा मंत्रियों का सप्ताह के अनुसार एक महीने सुनवाई का शिड्यूल भी जारी कर दिया गया. लेकिन सुनवाई महज पांच ही दिन चली कि इसके बाद अचानक कार्यकर्ताओं की सुनवाई स्थगित कर दी गई.

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सुशासन पखवाड़ा, सरकार के दो साल केकार्यकाल का हवाला
बीजेपी में एक दिसम्बर से कार्यकर्ता सुनवाई शुरू हुई, जो तीन दिसम्बर तक चली. दूसरे हफ्ते में महज दो ही दिन आठ और नौ दिसम्बर को सुनवाई हुई, 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस के कारण स्थगित कर दी गई. इसके बाद तीसरे हफ्ते में 17 दिसम्बर तक सुशासन पखवाड़े के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई. हालांकि चौथे हफ्ते अर्थात 22 दिसम्बर को सुनवाई होने से एक दिन पहले ही सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई. कारण वही सरकार के सुशासन पखवाड़ा तथा दो साल के कार्यक्रमों में मंत्रियों के व्यस्त हो बताया गया.

इनका तर्क बड़ा अजीब
बीजेपी की प्रदेश मंत्री अपूर्वा सिंह कार्यकर्ता जनसुनवाई स्थगित करने के पीछे सुशासन पखवाड़ा तथा दो साल के कार्यक्रमों में मंत्रियों के व्यस्त होना बताया. साथ ही कहा कि पखवाड़ा के लिए सुनवाई स्थगित की गई है, लेकिन कब से शुरू करेंगे इसका ठीक ढंग से जवाब नहीं दे पाईं. इधर बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मंत्रियों से गुहार लगाने के लिए कार्यकर्ता सोमवार को भी पहुंचे. टोंक से आए एसटी मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य विनोद कुमार मीणा अपनी समस्या लेकर बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे. इसके साथ ही टोंक से पूजा अपने परिवार के साथ आई, लेकिन सुनवाई नहीं होने से उन्हें निराशा हाथ लगी.

दूसरी ओर कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने बीजेपी कार्यकर्ता सुनवाई बंद होने पर तंज कसा है कि जनसुनवाई की हवा निकल गई. बीजेपी कार्यकर्ताओं के पास मंत्रियों के नम्बर तक नहीं है वो कैसे सम्पर्क करें. जबकि हमारे सभी मंत्रियों के नम्बर कार्यकर्ताओं के पास होते थे. बीजेपी सरकार के मंत्री अपने कार्यकर्ताओं की सुन ही नहीं रहे हैं.

इससे पहले भी बीजेपी प्रदेश कार्यालय में 13 जून 2024 में जनसुनवाई शुरू की गई थी, लेकिन यह सुनवाई के चार दिन ही चल पाई. हालांकि जनसुनवाई में मंत्री शामिल नहीं हुए, इसलिए यह ज्यादा दिन चल नहीं सकी. लेकिन एक दिसंबर से कार्यकर्ताओं की मंत्री सुनवाई शुरू हुई, लेकिन पांच ही दिन में बंद कर दी गई. इधर चर्चा यह है कि बीजेपी का प्रदेश मुख्यालय पर हुई जन सुनवाई को जनता से किनारा करने के लिए बंद किया है ? या फिर जन सुनवाई में कार्यकर्ताओं से ज्यादा जनता के पहुंचने से बंद करनी पड़ी है ? हालांकि बीजेपी नेता दावा कर रहे हैं कि फिर से कार्यकर्ता जनसुनवाई होगी, इसके लिए सबको बता दिया जाएगा.

जन सुनवाई का सिलसिला पुराना है
राजनीतिक दलों चाहे कांग्रेस हो या बीजेपी . पार्टी के प्रदेश कार्यालयों में कार्यकर्ताओं की सुनवाई के लिए मंत्रियों का दरबार लगना पुरानी परम्परा रही है. जिस दल की सरकार होती है वहां सरकार बनाने वाले कार्यकर्ताओं की सुनवाई होती है. कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में कांग्रेस तथा वसुंधरा राजे के कार्यकाल में बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सुनवाई हो चुकी है. पार्टी कार्यकर्ताओं की फरियाद सुनने के लिए संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, विधायक और मंत्री भी मौजूद रहते थे.

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SAGAR CHAUDHARY

SAGAR CHAUDHARY

सागर चौधरी एक अनुभवी और समर्पित सब-एडिटर हैं, जो वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में करीब 2 साल का अनुभव है, और इस दौरान उन्होंने तेज, सटीक और भरोसेमंद न्यूज़ कंटेंट तैयार करके अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है. राजस्थान की हर बड़ी और छोटी खबर पर उनकी अच्छी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है. अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं. सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
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