Jaipur Leopard: बस्सी में फिर दिखा प्यासा पैंथर, ग्रामीणों में दहशत! कैमरे में कैद हुआ वीडियो

Rajasthan News: जयपुर के बस्सी क्षेत्र में नईनाथ धाम के पास फिर पैंथर दिखाई देने से ग्रामीण दहशत में हैं. पानी की टंकी से पानी पीकर जंगल लौटते पैंथर का वीडियो पुलिस ने रिकॉर्ड किया. ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिए वन विभाग से पिंजरे लगाने की मांग की है.

Jaipur Leopard: बस्सी में फिर दिखा प्यासा पैंथर, ग्रामीणों में दहशत! कैमरे में कैद हुआ वीडियो
Image Credit: jaipur leopard

Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के बस्सी क्षेत्र में एक बार फिर वन्यजीवों की मूवमेंट ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. रात को एक बार फिर से नईनाथ धाम के पास देर रात एक पैंथर दिखाई दिया, जो घुमाव के पास बनी पानी की टंकी से पानी पीकर जंगल की ओर लौट गया. गश्त कर रही पुलिस टीम ने अपने मोबाइल कैमरे में पैंथर का विडियो रिकॉर्ड कर लिया. वीडियो में पैंथर पानी की टंकी के पास बनी होद में पानी पीकर जंगल क्षेत्र में लौटता नजर आ रहा है.

पहले भी नजर आया था पैंथर
कुछ दिनों पहले भी यहां पैंथर पानी की टंकी के पास नजर आया था. क्षेत्र में लगातार तेंदुए समेत जंगली जानवरों के मूवमेंट से ग्रामीणों में दहशत है. स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह इलाका ग्रामीण आवाजाही और श्रद्धालुओं की आम राह है, ऐसे में पैंथर की मौजूदगी से लोग दहशत में है. ग्रामीणों का कहना है कि भोजन और पानी की तलाश में पैंथर जैसे जंगली जानवर आबादी क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं. ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में पैंथर को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं.

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मनोहरपुर इलाके में नकली पोटाश तैयार करने वाली फैक्ट्री पर हाल ही में हुई बड़ी कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है. कृषि विभाग के कृषि अधिकारी डॉ. हरबक्स चौधरी ने इस मामले में FIR दर्ज करवाई थी, लेकिन इसमें जिस तरह से शब्दों का इस्तेमाल किया गया, उसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है.

तीन दिन पहले मजदूरी करने आया था शख्स
दरअसल, तीन दिन पहले ही मजदूरी करने आए संतोष कुमार नाम के एक मजदूर को इस बड़े घोटाले में आरोपी बना दिया गया, जबकि फैक्ट्री मालिक का नाम FIR से ‘गायब’ हो गया. किसानों के साथ धोखा करने के मामले में केवल एक मजदूर को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों और किसानों के बीच आक्रोश है. कृषि अधिकारी का कहना है कि ‘फर्द’ में फैक्ट्री मालिक का नाम लिखा है, लेकिन FIR में वह नाम दर्ज करने में “भूल” हो गई. अब सवाल यह है कि इतनी बड़ी भूल आखिर किसके हित में हुई? और क्या कृषि विभाग जानबूझकर फैक्ट्री मालिक को बचा रहा है?

2170 कट्टे हुए थे बरामद
गौरतलब है कि इस फैक्ट्री में नमक में लाल रंग मिलाकर नकली पोटाश तैयार किया जा रहा था. पुलिस ने छापे में 2170 कट्टे बरामद भी किए थे. इसके बावजूद असली जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है—किसके दबाव या शह पर फैक्ट्री मालिक बचाए जा रहे हैं? स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि कृषि मंत्री किरोड़ी मीणा इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे और जयपुर ग्रामीण पुलिस मजदूर संतोष कुमार को न्याय दिलाएगी. फिलहाल, यह मामला सिर्फ नकली पोटाश का नहीं, बल्कि सिस्टम में छुपी उस ‘मेहरबानी’ का भी है, जो बड़े आरोपियों को बचाने और छोटे लोगों पर दोष मढ़ने का काम करती है.

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