इतिहास बना 2025 का मानसून, सबसे ज्यादा बारिश और सबसे जल्दी अलविदा!

Rajasthan Monsoon: इस साल राजस्थान का मानसून रिकॉर्डतोड़ रहा. 1917 के बाद सबसे ज्यादा 712 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 70% अधिक है. मगर 9 साल बाद सितंबर में ही मानसून 26 तारीख को विदा हो गया. अजमेर, बारां, बूंदी समेत 11 जिलों में बारिश ने नए रिकॉर्ड बनाए.

इतिहास बना 2025 का मानसून, सबसे ज्यादा बारिश और सबसे जल्दी अलविदा!
Image Credit: jaipur monsoon record

Rajasthan News: प्रदेश में इस बार मानसून ने दोहरा रिकॉर्ड बनाया. एक तरफ 1917 के बाद सबसे ज्यादा बारिश दर्ज हुई, तो दूसरी ओर मानसून ने सितंबर में ही विदाई ले ली. ऐसा नौ साल बाद हुआ है, जब सितंबर में ही मानसून अलविदा कह गया. आखिरी बार 2015 में सितंबर में ही मानसून विदा हुआ था, जबकि 2016 से 2024 तक लगातार अक्टूबर में ही विदाई होती रही.

पहले आया और पहले लौटा वापस
इस बार का मानसून सामान्य से 7 दिन पहले प्रदेश में पहुंचा और चार दिन पहले ही लौट गया. प्रदेशभर से मानसून की विदाई की आधिकारिक पुष्टि मौसम विभाग जयपुर ने कर दी है. हालांकि, उत्तर प्रदेश और मध्य बंगाल की खाड़ी में बना वेल मार्क लो प्रेशर (WML) 27 सितंबर के आसपास अवदाब (Depression) में बदल सकता है. इसके असर से 27 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच कोटा, उदयपुर संभाग और आसपास के इलाकों में मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है. वहीं, पश्चिमी राजस्थान में अगले 4–5 दिन मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.

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712 मिलीमीटर बारिश हुई दर्ज
जून से सितंबर तक पूरे प्रदेश में कुल 712 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 414.5 मिलीमीटर है. यानी इस बार बारिश सामान्य से 70 प्रतिशत ज्यादा रही. अजमेर, अलवर, बारां, बूंदी, दौसा सहित 11 जिलों में तो बारिश ने नया रिकॉर्ड बना दिया. अजमेर में 862.6 मिमी, अलवर में 727.6 मिमी, बांसवाड़ा में 1095.5 मिमी, बारां में 1582.1 मिमी, भरतपुर में 782.5 मिमी, भीलवाड़ा में 998.1 मिमी, बूंदी में 1230.4 मिमी, चित्तौड़गढ़ में 846.9 मिमी, दौसा में 1240.2 मिमी, धौलपुर में 1123.7 मिमी, डूंगरपुर में 828.4 मिमी, जयपुर में 911.9 मिमी, झालावाड़ में 1132.1 मिमी, झुंझुनूं में 677.1 मिमी, करौली में 1073.7 मिमी, कोटा में 1222.3 मिमी, प्रतापगढ़ में 1161.8 मिमी और राजसमंद में 815.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. राजधानी जयपुर में यह आंकड़ा 911.9 मिमी तक पहुंचा, जो सामान्य से करीब 82 प्रतिशत अधिक है.

विदाई का पैटर्न
2014 : 28 सितंबर
2015 : 29 सितंबर
2016 : 12 अक्टूबर
2017 : 11 अक्टूबर
2018 : 01 अक्टूबर
2019 : 11 अक्टूबर
2020 : 06 अक्टूबर
2021 : 09 अक्टूबर
2022 : 03 अक्टूबर
2023 : 03 अक्टूबर
2024 : 05 अक्टूबर
2025 : 26 सितंबर

पिछले 10 सालों का अलग सिलसिला
पिछले दस सालों में मानसून ने विदाई का अपना अलग ही सिलसिला बनाया है. 2014 में 28 सितंबर और 2015 में 29 सितंबर को मानसून विदा हुआ. इसके बाद 2016 से 2024 तक लगातार अक्टूबर में ही मानसून ने अलविदा कहा. 2016 में 12 अक्टूबर, 2017 में 11 अक्टूबर, 2018 में 1 अक्टूबर, 2019 में 11 अक्टूबर, 2020 में 6 अक्टूबर, 2021 में 9 अक्टूबर, 2022 और 2023 में 3 अक्टूबर और 2024 में 5 अक्टूबर को मानसून की विदाई हुई. लेकिन इस बार 2025 में मानसून ने सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 26 सितंबर को ही रुखसत हो गया. इस साल का मानसून न सिर्फ रिकॉर्डतोड़ बारिश लेकर आया, बल्कि 9 साल का सिलसिला तोड़ते हुए सितंबर में ही विदा होकर मौसम के चले आ रहे पैटर्न को भी बदल गया.

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About the Author

SAGAR CHAUDHARY

SAGAR CHAUDHARY

सागर चौधरी एक अनुभवी और समर्पित सब-एडिटर हैं, जो वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में करीब 2 साल का अनुभव है, और इस दौरान उन्होंने तेज, सटीक और भरोसेमंद न्यूज़ कंटेंट तैयार करके अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है. राजस्थान की हर बड़ी और छोटी खबर पर उनकी अच्छी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है. अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं. सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
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