Rajasthan में दिसंबर में एक साथ हो सकते हैं पंचायत-निकाय चुनाव! है बस इस रिपोर्ट का इंतजार

Rajasthan News: राजस्थान में वन स्टेट वन इलेक्शन को ध्यान में रखते हुए पंचायत और निकाय चुनाव दिसंबर में हो सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ओबीसी आयोग राज्य सरकार को ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट तीन महीने में सौपेंगा. पंचायती राज और शहरी निकाय चुनाव के लिए परिसीमन, पुनर्गठन को लेकर गठित मंत्रियों की उपसमिति की रिपोर्ट मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने शुक्रवार को स्वीकार कर ली. 

Rajasthan में दिसंबर में एक साथ हो सकते हैं पंचायत-निकाय चुनाव! है बस इस रिपोर्ट का इंतजार
Image Credit: rajasthan news Panchayat-nikay elections

Jaipur News: राजस्थान में एक साथ पंचायत-निकाय चुनाव हो सकते हैं. उपसमिति ने परिसीमन, पुर्नगठन की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी गई. ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बाद ही चुनाव हो सकते हैं. ओबीसी आयोग की चिठ्ठी के मायने निकाले जा रहे हैं. ओबीसी आयोग तीन महीने में आरक्षण की रिपोर्ट देगी. ऐसे में दिसंबर में पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ हो सकते है.

पंचायत और निकाय चुनाव दिसंबर में हो सकते
राजस्थान में वन स्टेट वन इलेक्शन को ध्यान में रखते हुए पंचायत और निकाय चुनाव दिसंबर में हो सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ओबीसी आयोग राज्य सरकार को ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट तीन महीने में सौपेंगा. पंचायती राज और शहरी निकाय चुनाव के लिए परिसीमन, पुनर्गठन को लेकर गठित मंत्रियों की उपसमिति की रिपोर्ट मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने शुक्रवार को स्वीकार कर ली. वहीं निर्वाचन आयोग ने पंचायतों में पुराने परिसीमन के आधार पर ही मतदाता सूची तैयार करने के आदेश दिए हैं हालांकि कुछ दिन पहले यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा था कि कोर्ट की फेसले का परीक्षण के बाद ही पंचायत चुनाव पर फैसला होगा, जबकि निकाय चुनाव दिसंबर में ही होंगे.

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इधर, उपसमिति की रिपोर्ट स्वीकार करके राज्य सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि अब राजस्थान में ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ के तहत पंचायत और निकायों के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे. दूसरी ओर, सरकार ने हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ खंडपीठ में याचिका दाखिल की है, जिसमें जल्द चुनाव कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही राज्य सरकार को यह भी इंतजार है कि अक्टूबर-नवंबर तक 3800 पंचायतों और बड़े नगर निगमों का कार्यकाल भी पूरा हो जाए, इसके बाद ही चुनाव कराए जाएं. गौरतलब है कि प्रदेश में छह हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है. दूसरी ओर, निकाय, पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण का निर्धारण करने वाले राजस्थान ओबीसी राजनैतिक प्रतिनिधित्व आयोग का कार्यकाल राज्य सरकार ने 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है.

सूची संशोधन को लेकर असमंजस भी
मतदाता सूचियों के कार्यक्रम में वार्ड और क्षेत्रों को लेकर असमंजस भी है. नए जिलों के गठन के कारण ऐसा हो रहा है. जिलों के अफसर भी इसे लेकर असमंजस में हैं. इसे ऐसे समझें कि फलोदी जिला बन चुका है जबकि जोधपुर जिले में फलोदी की नगर पालिका में मतदाता सूचियों के कार्यों को दिखाय गया है. ब्यावर को अजमेर में दर्शाया गया है और पाली को नगर निगम बनाया जा चुका है. जबकि इन जगहों पर नगर परिषद के हिसाब से वोटर लिस्ट तैयार की जाएगी.

जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव की घोषणा बाद में होगी
पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य, प्रधान और जिला प्रमुख चुनाव की घोषणा बाद में होगी. 21 जिला परिषदों और 222 पंचायत समितियों के सदस्यों और प्रधान, जिला प्रमुखों का कार्यकाल नवंबर, दिसंबर में खत्म होगा. इसलिए उनकी घोषणा बाद में होगी. 6 जिला परिषदों और 78 पंचायत समितियों का कार्यकाल अगस्त सितम्बर 2026 में खत्म होगा. 4 जिला परिषदों और 30 पंचायत समितियों का कार्यकाल नवंबर दिसंबर 2026 में खत्म होगा.

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Sandhya Yadav

Sandhya Yadav

संध्या यादव ज़ी राजस्थान न्यूज में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. वह राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हैं. इन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. करियर की शुरूआत इन्होंने डिजिटल मीडिया से की थी. 8 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. इससे पहले Newstrack और ETV Bharat में भी सेवाएं दे चुकी हैं. हेडलाइन, एडिटिंग और कंटेंट पैकेजिंग इनकी खासियत है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट पॉलिटिकल क्राइसिस और राजस्थान कोरोना क्राइसिस समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.