32 केस, 19 करोड़ का घोटाला, अलवर में पुलिस वाले का भाई निकला साइबर गैंग का मास्टरमाइंड

Rajasthan Crime News: अलवर पुलिस ने साइबर अपराधी बरकत अली को गिरफ्तार किया, जिसने 19.02 करोड़ की ठगी की और 32 मामलों में शामिल रहा. आरोपी के पास 17 चेकबुक, 14 एटीएम कार्ड, कई फर्जी आईडी बरामद हुईं. आरोपी का भाई राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल है.

32 केस, 19 करोड़ का घोटाला, अलवर में पुलिस वाले का भाई निकला साइबर गैंग का मास्टरमाइंड
Image Credit: Alwar cyber fraud criminal arrested

Alwar Cyber Fraud: अलवर के वैशाली नगर पुलिस थाने में साइबर फ्रॉड के मामले में एक बड़े साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. सबसे बड़ी बात है कि इस अपराधी द्वारा करीब 19 करोड़ 2 लाख 45 हजार रुपए की फ्रॉड किया जा चुका है. विभिन्न राज्यों में 32 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हुई हैं. जिसमें कई बैंक शामिल है. ये बैंकों के जरिए ये काम करते थे. जिनके खिलाफ शिकायतें मिली हैं.

आरोपी का भाई पुलिस में है कांस्टेबल
यहां एक और बात महत्वपूर्ण है कि इस आरोपी का परिवार का बैकग्राउंड पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ है. इसका भाई राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल है. जो अलवर जिले के एक थाने में कार्यरत है. आरोपी बरकत अली डीग जिले के गोपालगढ़ पुलिस थाना अंतर्गत हैवतका का गांव निवासी है.

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21 शिकायत हुईं दर्ज
पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्य स्तर पर संदिग्ध म्युल बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में प्राप्त संदिग्ध अकाउंट की सूची अलवर पुलिस अधीक्षक के साइबर सेल से प्राप्त की गई. जिसमें जन स्मॉल फाइनेंस बैंक के एक खाते की जांच की गई. उस खाता संख्या पर समन्वय पोर्टल पर साइबर फ्रॉड की कुल 21 शिकायत दर्ज होना पाया गया. इस खाते की केवाईसी, कैफ आईडी ,स्टेटमेंट प्राप्त किया. जिस पर खाताधारक का नाम बरकत अली पुत्र मोहम्मद इशाक का अलग-अलग पते के पहचान पत्र, आईडी आधार कार्ड, पैन कार्ड व पासपोर्ट होना पाया गया. जांच के बाद खाताधारक बरकत अली के मोबाइल नंबरों के आधार पर उसकी पहचान की गई .और पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस की गई.

क्या-क्या मिला जांच में
लोकेशन के आधार पर पुलिस जाब्ते द्वारा वैशाली नगर पानी की टंकी के पास पहुंचे तो जहां बरकत अली आता हुआ दिखाई दिया. उससे पूछताछ की गई तो उसने उषा यादव के मकान में किराए पर रहना बताया. जब उपयोग में लिए गए खाते की रिपोर्ट के बारे में पूछताछ की गई. तो किराए के मकान में होना बताया गया. इसके बाद उसके कमरे की तलाशी ली, तो उसके कब्जे से 17 चेक बुक, 14 एटीएम कार्ड, पांच पासबुक कुछ विभिन्न लोगों के हस्ताक्षर शुदा चेक ,कई आधार कार्ड ,पैन कार्ड, दो स्वाइप मशीन एक्सिस बैंक , आईसीआईसीआई बैंक,यस बैंक,एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का क्यूआर कोड स्कैनर मिले. जिसकी वीडियोग्राफी कराई गई. पुलिस ने इस संबंध में इसके कमरे से करीब 54 आर्टिकल बरामद किया .जिसमें अन्य लोगों के आधार कार्ड ,पैन कार्ड शामिल थी.

19 करोड़ 2 लाख 45 हजार 460 रुपए का फ्रॉड
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की तो चेक बुक के खाता संख्या के आधार पर सात खाते बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आइसीआइसीआइ बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक एवं जन स्मॉल फाइनेंस बैंक के खिलाफ साइबर पोर्टल पर विभिन्न राज्यों में करीब 32 साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज हैं. जिनमें 19 करोड़ 2 लाख 45 हजार 460 रुपए का फ्रॉड होना पाया गया.

पूछताछ में आरोपी ने बताया
बरकत अली से पूछताछ के दौरान उसने बताया कि हरि सिंह मीणा पुत्र हनुमान सहाय मीणा गांव वीरपुर बिगोता, राहुल खान निवासी बंजीरका एवं मुकेश मीणा पुत्र जगराम मीणा आनंदम रेजिडेंसी के साथ संगठित गिरोह बनाकर कमीशन के आधार पर साइबर ठगो को बैंक खाता उपलब्ध कराना बताया गया. बरकत अली द्वारा अपने सहयोगियों के साथ आपराधिक षड्यंत्र करके छल कपट करके आम लोगों को झांसे में लेकर अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग नाम पता से खाते खुलवाकर. खुले हुए खातों को कमीशन पर लेकर अभ्यस्त अपराधियों के साइबर ठगी की राशि को इन खातों में कमीशन के आधार पर कार्य किया जाता. इधर बताया जा रहा है कि बरकत के दो भाई तारीफ और इरशाद गोपालगढ़ वांछित है और इसका भाई शौकत अलवर जिले के रैनी पुलिस थाने में कार्यरत है.

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