Jaipur News: जलदाय विभाग में 150 करोड़ का ट्यूबवेल घोटाला, 7 इंजीनियरों पर गिरेगी गाज

Rajasthan News: राजस्थान जलदाय विभाग में 150 करोड़ के ट्यूबवेल घोटाले का खुलासा हुआ. 7 इंजीनियरों को चार्जशीट और 2 फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी है. बिना मंजूरी टेंडर 7 साल बढ़ाया गया और ट्यूबवेल संख्या 20 से बढ़ाकर 981 कर दी गई. जांच रिपोर्ट पर मंत्री और एसीएस ने कार्रवाई के आदेश दिए.

Jaipur News: जलदाय विभाग में 150 करोड़ का ट्यूबवेल घोटाला, 7 इंजीनियरों पर गिरेगी गाज
Image Credit: ESCO model in drinking water schemes

Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में पेयजल स्कीमों में एस्को मॉडल के ट्यूबवेलों के ऑपरेशन और मेंटेनेंस में 150 करोड़ रुपए के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है.जांच कमेटी ने इसके लिए 7 इंजीनियरों को चार्जशीट थमाने की तैयारी चल रही है.जल्द ही आरोपी इंजीनियरों को चार्जशीट दी जाएगी और दो फर्मों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा. इस संबंध में जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और एसीएस अखिल अरोड़ा ने कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं.

अतिरिक्त सचिव को भेजी रिपोर्ट
जलदाय विभाग में सबसे बडे ट्यूबवेल घोटाले में 7 इंजीनियर्स पर गाज गिरेगी.बिना टैंडर और फाइनेंस मंजूरी के ही टैंडर को 7 साल तक बढ़ाया गया.चीफ इंजीनियर मुख्यालय मनीष बेनीवाल ने अतिरिक्त सचिव संदीप शर्मा को चार्जशीट की रिपोर्ट भेज दी है.जल्द ही अब घोटाले में शामिल इंजीनियर्स की चार्जशीट डीओपी भेजी जाएगी. हालांकि,कुछ इंजीनियरों की दूसरी जगह पोस्टिंग हो चुकी है और कुछ सेवानिवृत्त हो चुके हैं. एडिशनल चीफ इंजीनियर ने 10 इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस दिया था.इनमें से तीन के जवाब संतोष जनक पाए गए थे.

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इन इंजीनियर्स को मिलेगी चार्जशीट

  • ताराचंद कुलदीप, तत्कालीन एसई जालोर (सेवानिवृत्त)
  • श्याम बिहारी बैरवा, तत्कालीन एसई व एक्सईएन, जालोर
  • उमेश कुमार मीणा, तत्कालीन एक्सईएन जालोर (वर्तमान एक्सईएन ड्रिलिंग, जयपुर)
  • आशीष द्विवेदी, तत्कालीन एक्सईएन जालोर (सेवानिवृत्त)
  • जितेंद्र त्रिवेदी, तत्कालीन एक्सईएन भीनमाल (वर्तमान टीए, जालोर)
  • हेमन्त कुमार वैष्णव, एक्सईएन, भीनमाल

2022 को जारी किया गया था टेंडर
ठेका फर्म मैसर्स एमएम कंस्ट्रक्शन कंपनी और मैसर्स राज एंटरप्राइजेज के काम और वर्क ऑर्डर की जांच की जा रही है.अब फर्म के खिलाफ ब्लैक लिस्ट की कार्रवाई होगी. कमेटी की जांच में सामने आया है कि जलदाय विभाग के जालोर सर्किल ने ट्यूबवेलों के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम एस्को मॉडल पर देना तय किया था. इसके बाद 12 अगस्त 2022 को जालोर की ठेका फर्म मैसर्स एमएम कंस्ट्रक्शन कंपनी (जालोर) और मैसर्स राज एंटरप्राइजेज को वर्क ऑर्डर जारी किए गए.

मनमर्जी से बढ़ती गई टेंडर समय सीमा
आरोप है कि वित्त कमेटी की अनुमति के बिना ही टेंडर जारी किए गए. पहले 20 ट्यूबवेल का ठेका फर्म को दिया गया. इसके बाद वर्कऑर्डर में ट्यूबवेल की संख्या मनमर्जी से बढ़ती गई. पहले संख्या 112 हुई और फिर इसे 981 ट्यूबवेल का जिम्मा दे दिया गया। गौरतलब है सीएस सुधांश पंत ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे. इसके बाद चीफ इंजीनियर संदीप शर्मा, एसीई नक्षत्र सिंह चारण और मुख्य लेखाधिकारी प्रेम सिंह की कमेटी बनाई थी.

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