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Raksha Bandhan 2025: भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा यानी 9 अगस्त को देशभर में मनाया जाएगा. देश-प्रदेश में रक्षाबंधन के पर्व का उत्साह व उल्लास देखा जा रहा है. रक्षाबंधन के पर्व को लेकर राजधानी जयपुर समेत प्रदेशभर के बाजार राखियों से सज गए हैं. वहीं, शहर की मिठाईयों की दुकानों पर भी स्पेशल मिठाइयां तैयार की गई हैं. व्यापारियों की मानें तो इस बार 15 से 20 प्रतिशत अधिक व्यापार, यानी एक हजार करोड़ के व्यापार की उम्मीद जताई जा रही है.
राज्य के बाजार सज गए हैं
राजधानी जयपुर समेत प्रदेशभर के बाजार राखियों से सज गए हैं. इस बार बाजार में राखियों की खरीदारी पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत ज्यादा बढ़ी है. स्वदेशी होने के कारण राखियों के दाम का भी असर नहीं देखा जा रहा है. बाजार में राखियों की बात करें तो इस बार चंदन की राखी, डायमंड की राखी, मौली धागे की राखी समेत कई आकर्षक राखियां देखी जा रही हैं. वहीं, बच्चों के लिए स्पाइडर मैन, घड़ी वाली राखियां भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं.
मौली धागे के साथ चांदी-सोने की राखी आकर्षक
चांदी-सोने की राखियों की बात करें तो मौली के धागे में चांदी की राखियां ज्यादा पसंद की जा रही हैं, क्योंकि मौली की राखी धार्मिक होने के साथ भगवान कृष्ण, खाटूश्याम, गणेशजी और रुद्राक्ष की आकृति वाली होने से बहनों के लिए अधिक आकर्षक बनी हुई है. इस बार बच्चों के साथ महिलाओं की राखियां भी खास आकर्षण लिए हुए हैं.
श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है
देश-प्रदेश में प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है. इस पर्व को लेकर बहनें काफी उत्साहित रहती हैं. इस दिन बहनें अपने भाई को रक्षासूत्र बांधकर उसकी लंबी आयु, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करती हैं. इस पर्व पर भाई रक्षासूत्र के बंधन के लिए सात समंदर पार से भी अपनों के बीच पहुंचकर पर्व मना रहे हैं. राजधानी जयपुर के राखी व्यापारियों ने बताया कि इस बार पुलिस का बड़ा सहयोग मिलने से खरीदारी बढ़ी है और व्यापार में इजाफा हुआ है.
इस राखी मिठाइयां आकर्षक बनीं
राखी बांधने के बाद शगुन के तौर पर बहनें भाई को नारियल यानी श्रीफल देती हैं. इसके साथ कुछ मीठा भी दिया जाता है. इस रक्षाबंधन पर्व पर बाजार में विभिन्न प्रकार की मिठाइयां तैयार की गई हैं, जो दुकानों पर आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. मिठाइयों में मिल्क केक ₹520, अंजीर शुगर फ्री ₹1400, दूध लड्डू ₹520, गुजिया ₹520, गुलाब सकरी ₹540, मावा ऐपल ₹540, बिग मलाई घेवर ₹780, स्मॉल घेवर ₹940 की कीमत के साथ कई अन्य प्रकार की मिठाइयां भी आकर्षक बनी हुई हैं. इसके साथ ही गिफ्ट भी ज्यादा आकर्षक बने हैं, जिनमें ड्राई फ्रूट पैकिंग ₹750 से ₹2000, चॉकलेट पैकिंग ₹245 से ₹500, कुकीज पैकिंग ₹110 से ₹210, बकलावा ₹1600 सहित मिठाइयां दुकानों पर सजी हुई हैं.
रक्षाबंधन पर 15 से 25 प्रतिशत ज्यादा व्यापार की उम्मीद
जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने बताया कि भारत देश के त्यौहार देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाते हैं. इस रक्षाबंधन पर प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ आह्वान के चलते स्वदेशी वस्तुओं का उत्पादन बाजार में अधिक देखा जा रहा है. इस बार रक्षाबंधन पर 15 प्रतिशत राखियों की ज्यादा बिक्री और सोने-चांदी की राखी व गिफ्ट पर 25 प्रतिशत ज्यादा व्यापार की उम्मीद जताई जा रही है. यानी प्रदेशभर में राखी, मिठाई, गिफ्ट और कपड़ों का व्यापार इस पर्व पर एक हजार करोड़ के आंकड़े को पार कर सकता है.
रोजगार के भी अवसर बढ़ते हैं
प्रदेश में त्यौहार व पर्व आने से लोगों को रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं. इस रक्षाबंधन पर प्रदेश में तैयार की गई राखियों का ही उपयोग किया जा रहा है, जबकि चाइनीज या अन्य देशों की राखियां बाजार में नजर नहीं आ रही हैं. सभी व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वदेशी वस्तुओं के उत्पादन पर जोर दे रहे हैं.
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