&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Rajasthan News: विश्व हिंदू परिषद ने अशांत क्षेत्र घोषित को लेकर लाए जा रहे विधेयक का स्वागत किया है. विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश मंत्री सुरेश उपाध्याय ने कहा कि सिविल लाइंस जैसे वीआईपी एरिया जहां मुख्यमंत्री, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष रहते हैं, उसके आसपास के इलाकों में चालीस से ज्यादा अवैध मस्जिदें बन गई है. इन कॉलोनियों में हिंदुओं के चालीस प्रतिशत घर बिक गए हैं. चार दीवारी में तो हालात और भी खराब हैं। उपाध्याय ने कहा कि मुसलमानों से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन उनकी सोच असली जड़ है. ये आज भी खुद को पूरी तरह भारतीय नहीं मानते हैं.
राज्य सरकार राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इम्मूवेबल प्रोपर्टी एंड प्रोविजन फोर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेन्ट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल, 2026 विधेयक ला रही है. यह बिल लाने वाला गुजरात के बाद राजस्थान दूसरा राज्य बनने जा रहा है. इस बिल को लेकर प्रदेश में राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक स्तर पर भी बहस शुरू हो गई है. विश्व हिंदू परिषद ने इस विधेयक स्वागत करते हुए सरकार को धन्यवाद दिया है.
मुसलमान कन्वर्टेड हिंदू से मुसलमान बना
विहिप के क्षेत्रीय मंत्री सुरेश उपाध्याय का कहना है कि यहां का मुसलमान कन्वर्टेड हिंदू से मुसलमान बना है. ज्यादातर मुसलमान बने हैं, वो भी भय और लालच में बने हैं. उपासना पद्धति से किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है. वो भारतीय संस्कृति को मानने लग जाए तो समाधान हो जाएगा. वो खुद को भारतीय नहीं मानते. कश्मीर में धारा 370 हटा दी गई. कश्मीर का मुसलमान भारतीय संविधान के तहत खुद को पाकिस्तान का ही मानता है. आज भी वह अपने को भारतीय नहीं मानता है.
उपाध्याय ने कहा कि हमें ताकत बढ़ानी होगी, लेकिन हम किसी से घृणा नहीं करते हैं. घृणा दूसरे करते हैं. पढ़े लिखों मुस्लिमों को विचार करना पड़ेगा. एक देश में चालीस हजार मस्जिदें तोड़ दी गई. ईरान में हिजाब-खिजाब हो गए. जितनी छूट हमारी भारतीय संस्कृति में है, उतनी किसी में नहीं है. सरकार अधिनियम लाना चाहती है, हम साधूवाद देते हैं. हिंदू सनातन संस्कृति को जागृत होकर लड़ना पड़ेगा.
40 से ज्यादा मस्जिदें बनी हैं
सुरेश उपाध्याय ने दावा किया सर्वे करवा लीजिए सिविल लाइंस जैसा वीआईपी क्षेत्र जहां मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता रहते हैं, वहां 40 से ज्यादा मस्जिदें बनी हैं, सब इललीगल हैं. राजीव नगर, हसनपुरा सहित कई कॉलोनियों में चार प्रतिशत से ज्यादा हिंदूओं के घर बिक गए हैं.
हीदा मोरी, रामगंज आदि इलाकों में साठ प्रतिशत हिंदू अपना मकान बेचकर चले आए. जकात के नाम पर पैसा इकट्ठा कर मस्जिद बन जाती है, इनका तरीका एक ही है, एक कोने का तथा दूसरी बीच का मकान खरीदते हैं. इसके बाद आती-जाती बहू बेटियों को छेड़ना, चालीस से ज्यादा लव जिहाद के केस इन्हीं बस्तियों से आए हैं. इनको हमारी पूजा पद्धति से सत्य नारायण की कथा, शंख बजाएं तो आपत्ति करते हैं. आरएसएस का संचलन तक नहीं निकला कि मस्जिद के सामने ढोल मत बजाओ. होली खेलेंगे तो रंगों से एतराज जताते हैं. मुस्लिम युवा झगड़े पर उतारू होते हैं, हिंदू जन्म जात शांति प्रिय है. मरने के लिए कौन जाए यह सोच कर मकान बेच देता हैं.
नियम बनाने का काम राज्य और केंद्र सरकार है
सुरेश उपाध्याय ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि वो अवैध मस्जिदों को तुरंत हटाए. अवैध मदरसों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. सरकार को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन्हें हटाना चाहिए. हालात यह है कि मालपुरा में घरों में ताले लगे हुए हैं, वहां तीन दंगे हुए, लोग मर रहे हैं सजाएं हो रही है. इस बाबत सवाल पूछने पर उपाध्याय ने कहा कि हम नियम लागू करने की अथॉरिटी नहीं है, नियम बनाने का काम राज्य और केंद्र सरकार है. क्रियान्वयन करने का काम सरकारों का है, हम आंदोलन कर सकते हैं.
1947 में भारत का विभाजन धर्म के नाम पर था हुआ
सुरेश उपाध्याय ने कहा कि वो गजवा ए हिंद करना चाहते हैं. इनके यहां दो जातियां है काफिर और मोमिन. इनका लक्ष्य काफिर को मोमिन बनाना है. आज भी वो 24 आयतों के लिए काम कर रहे हैं. 1947 में भारत का विभाजन धर्म के नाम पर हुआ था. एक मांग भी हमारा धर्म अलग है आपका धर्म अलग है, अलग-अलग देश में रहेंगे, जिन्हें जाना चाहिए था वो नहीं गए, इससे आजादी के बाद समस्या वहीं की वहीं रह गई. इसके बाद धीरे-धीरे कर पहले की स्थिति निर्मित होने लगी. मुसलमानों को शुरू ही से अन्य धर्म से इनकार है, जो बहुत परस्त है.
उपाध्याय ने कहा कि मुस्लिमों को न सड़क चाहिए, न मकान चाहिए। वो इस्लाम हदीस के अनुसार चलते हैं. क्या कभी किसी ने इन्हें महंगाई या अन्य दूसरी समस्याओं के लिए आंदोलन करते हुए देखा है. वहीं विश्व में कहीं भी एक धार्मिक समस्या हो तो पूरे देश के मुसलमान इकट्ठा हो जाते हैं.
शांति कायम रखने के लिए है विधेयक-अमितोश पारीक
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमितोश पारीक ने कहा कि विधेयक का विषय सरकार की पहल का स्वागत व आदर करते. यह साम्पद्रायिक विषय नहीं है बल्कि शांति बनी रहे. इसके लिए बनाया गया है. संवेदनशील एरिया को खत्म करके साम्प्रदायिकता को खत्म करके एक्ट लाया जाए. मालपुरा से टोंक से भी पलायन करने पर मजबूर हुआ. जयपुर में पुराने चौक में पोस्टर लगाए थे. पलायन करवाना पत्थराव करना , गुजरात में भी डिस्टर्ब एरिया एक्ट है. सर्वाच्च न्यायालय मेगं चुनौती दी गई सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने संवैधानिक किया गया. डिस्टर्ब एक्ट में डिस्टर्ब एरिया जहां भी साम्प्रदायिक मुद्दे हैं, बिना किसी प्रशासनिक मंजूरी के कोई भी सम्पति नहीं देंगे, इससे अशांति कम होगी.
डेमाग्राफी बदलने से रूकेगी
अमितोष ने कहा कि जब भी कोई कानून आता है किसी विषय को लेकिन बनाया जाता है. प्रदेश में साम्प्रदायिकता के विषय बढ़ते जा रहे हैं. चौमूं, करौली, जहाजपुर, मालपुरा, टोंक, जैसलमेर की डेमोग्राफी बदलती गई. 1991 में गुजरात में कानून लाया गया. कोई व्यक्ति अपनी सम्पति फोर्सफुली नहीं बेच सकता है. बिना कॉम्पिटेंट ऑथरीटी को पॉवर हिंदू को सुरक्षित रखने, पलायन रोकने, पत्थरबाजी और साम्प्रदायिक तनाव को रोकने के लिए है.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan Newsऔर पाएं Jaipur Newsहर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!