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Jaipur News: आज वर्ल्ड हार्ट डे पर, एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. हमारी बदलती जीवनशैली न केवल दिल की बीमारियों को बढ़ा रही है, बल्कि सप्ताह का पहला दिन सोमवार भी हमारे दिल के लिए एक बड़ा खतरा बन रहा है. अस्पतालों की ओपीडी में आम दिनों की तुलना में सोमवार को दिल की समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में 15% की बढ़ोतरी देखी जा रही है.
सोमवार का बढ़ता तनाव
वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट और सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी के अनुसार, शनिवार और रविवार को लोग अपनी सामान्य दिनचर्या से हटकर जीवन जीते हैं. देर रात तक पार्टियां, जंक फूड का सेवन, नींद की कमी और शराब का सेवन सीधे तौर पर दिल पर असर डालते हैं. सोमवार की सुबह जब लोग अचानक से अपनी व्यस्त दिनचर्या में लौटते हैं, तो यह बदलाव शरीर में तनाव वाले हार्मोन को बढ़ा देता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है. यही कारण है कि अधिकतर नौकरीपेशा लोग सोमवार को काम का बोझ, मीटिंग्स और चिंता के कारण दिल से जुड़ी समस्याओं का सामना करते हैं.
आंकड़े भी कर रहे हैं इशारा
जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में पिछले कुछ सालों के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि दिल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
साल 2022: 1,40,689 मरीज
साल 2023: 1,80,580 मरीज
साल 2024: 1,82,176 मरीज
साल 2025 (जुलाई तक): 1,04,093 मरीज
यह आंकड़े एक गंभीर चेतावनी देते हैं. यदि इस ट्रेंड को नजरअंदाज किया गया, तो आने वाले समय में युवाओं में दिल की बीमारियों की दर और भी बढ़ सकती है.
लाइफस्टाइल में बदलाव की है जरूरत
चिकित्सकों का मानना है कि अब लाइफस्टाइल और स्ट्रेस मैनेजमेंट सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन गए हैं. यदि लोग समय रहते अपनी दिनचर्या में सुधार करें और तनाव को नियंत्रित करना सीखें, तो सोमवार का दबाव दिल के लिए खतरा नहीं बनेगा. स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार और पर्याप्त नींद को अपनी आदत बनाना बेहद जरूरी है.
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