Rajasthan News: राजस्थान में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है. पांचों नेशनल टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है. पहली बार मरू प्रदेश में बाघ, बाघिन और शावकों का आकंड़ा 150 पहुंच गया है.
&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Rajasthan News: राजस्थान में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है. पहली बार प्रदेश में बाघों का आंकड़ा 150 पहुंच गया है. पांचों नेशनल टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है.
मरू प्रदेश बना बाघों का गढ़
राजस्थान बाघों का बड़ा गढ बन गया है. पहली बार मरू प्रदेश में बाघ, बाघिन और शावकों का आकंडा 150 पहुंच गया है. राजस्थान में पांच नेशनल टाइगर रिजर्व में से रणथम्भौर में सबसे ज्यादा टाइगर का आंकड़ा 82 पहुंच गया है. एक समय ऐसा था जब 15-20 साल पहले राजस्थान में बाघों अस्तित्व ही खतरे में था लेकिन अब राजस्थान में टाइगर की आकंडा तेजी से बढ़ रहा है.
इस साल के दो महीने में ही 14 शावकों का जन्म हुआ है. पिछले साल 25 नए शावकों का जन्म हुआ था. आने वाले दो सालों में करीब 50 नए शावकों के जन्म होने की संभावना जताई जा रही है. फिलहाल राजस्थान में करीब 120-125 व्यस्क बाघ-बाघिन है, बाकी शावक है. वन विभाग ने दो साल तक शावकों का नामकरण नहीं करती है. दो साल का व्यस्क होने के बाद ही बाघ को नाम दिया जाता है.
किस टाइगर रिजर्व में कितने बाघ, बाघिन, शावक
टाइगर रिजर्व- बाघों की संख्या
रणथंभौर- 82
सरिस्का - 49
मुकंदरा हिल्स - 2
करौली-धौलपुर- 10
रामगढ़ विषधारी-7
कौन से टाइगर रिजर्व का कितना क्षेत्र
राजस्थान में पहली टाइगर टाइगर रिजर्व रणथंभौर करीब 1,334 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है. सवाई माधोपुर के इस टाइगर रिजर्व को 1955 में नेशनल टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था. दूसरी टाइगर रिजर्व अलवर में सरिस्का है, जिसे 1978 में इसे टाइगर रिजर्व बना दिया गया. यह टाइगर रिजर्व लगभग 866 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है.
तीसरी मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व कोटा के पास है. यह टाइगर रिजर्व करीब 760 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है. चौथा रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व है. यह रणथंभौर टाइगर रिजर्व के इंद्रगढ़ सेक्टर और मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से जुड़ा हुआ है. पांचवा धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व यह करौली और धौलपुर में स्थित है. यह मुकुंदरा से रामगढ़ तक 1253 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है.
बाघ 8 गुना बढ़े, लेकिन क्षेत्र सिर्फ 3 गुना ही
राजस्थान में 15-20 सालों के भीतर 8 गुना बाघों की संख्या वृद्धि हुई है, लेकिन इनके लिए क्षेत्र सिर्फ तीन गुना ही बढ़ा है. टाइगर रिजर्व के आस-पास जंगलों में गांव बसे हुए हैं. टाइगर की संख्या तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में गांवों का विस्थापन जरूरी हो गया है. रणथंभौर में 18 और सरिस्का में 16 गांवों को शिफ्ट करना बाकी है. ऐसे में सवाल ये है कि बाघों के बीच टेरिटरी के लिए कब तक संघर्ष होता रहेगा और कब बाघों के अस्तित्व की लड़ाई खत्म होगी.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Latest Rajasthan News हर पल की जानकारी। राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार। जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!