&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Rajasthan Panchayat Chunav: पंचायतीराज चुनाव को जीतने के लिए बीजेपी का विनिंग प्लान तैयार हो रहा है. पंचायत चुनाव में जीत की हसरत पूरी करने के लिए बीजेपी की एक्सरसाइज जारी है. पुनर्गठन से उपजी नेताओं की नाराजगी को दूर किया जा रहा है, गुस्से पर ठंडे छींटे डाले जा रहे हैं.
नेताओं को बुला-बुलाकर पुनर्गठन में उनकी राय को आखिरी वक्त तक तवज्जोह दी जा रही है. पुनर्गठन का जिम्मा संभाल रहे नेताओं ने आज दिनभर नेताओं को बुलाया, उनके अभाव अभियोग सुने पर पूरी प्रक्रिया को गुप्त रखा गया. दांतारामगढ के भाजपा नेता प्रभूसिंह गोगावास बोले कि पूरी प्रक्रिया में दूरी, जनसंख्या और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखकर अंजाम दिया जा रहा है, इससे बीजेपी को चुनावों में फायदा होगा.
सूबे में चाहे किसी की भी सरकार हो, जब भी पुनर्गठन होता है, तो अपने फायदे और नुकसान को ध्यान में रखकर पुर्गठन की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है. बीजेपी के लिए पंचायत चुनाव सिर्फ चुनाव नहीं बल्कि अगले विधानसभा चुनाव जीतने का रास्ता भी है इसलिए पार्टी ने पुनर्गठन में नई पंचायत समितियों के गठन में लंबी एक्सरसाइज की है.
पूरा होमवर्क कर महीनों के मंथन के बाद इसे अंजाम तक पहुंचाया है ताकि गांव की सरकार में भाजपा की जीत का डंका बजे. समर्पित कार्यकर्ताओं को टिकट देने में कहीं दिक्कते पेश न आए और प्रधान प्रमुख बनाने के लिए उसे ज्यादा परेशानियां नहीं उठानी पड़े. बीजेपी इस चुनाव में जातीय दबदबे और वोट बैंक राजनीति की काट ढूंढकर अपनी जीत की राह बुनने में लगी है इसलिए नेताओं को राजी किया जा रहा है ताकि वो पूरे मन से चुनाव में पार्टी के लिए न केवल काम करें.
बल्कि प्रधान प्रमुख बनाने में भी उनकी राय को तवज्जोह दी जा सकें. पूर्व विधायक और पूर्व मंत्रियों के तजुरबे से भी पार्टी काफी सीख ले रही है तो सरकार के हर मंत्री न केवल अपने विधानसभा क्षेत्र की बल्कि पूरे जिले की राजनीतिक स्थिति का आकलन कर नए सिरे से रणनीति को अंजाम दे रहे हैं.
कांग्रेस बीजेपी की इस एक्सरसाइज से बेचैन है,एक तरफ भजनलाल सरकार के विकास के काम तो दूसरी तरफ बीजेपी की चुनाव को लेकर जारी तैयारियों ने कांग्रेस को सकते में डाल दिया है. पार्टी के नेता बीजेपी की रणनीति को फालतू की कवायद करार दे रहे हैं.
बहरहाल 94 नई पंचायत समितियों के गठन के बाद प्रदेश में अब 457 नई पंचायत समितियां में प्रधान का चुनाव होगा, तो नये जिलों को भी जिला परिषद की सौगात मिलेगी, नए जिला प्रमुख बनेंगे. बीजेपी गांव की सरकार में अपने दबदबे को साबित करने के लिए जी तोड़ कोशिश करेगी. पार्टी के नेताओं में दिख रहा उत्साह ये बताने के लिए काफी है कि बीजेपी का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस को अब अपने वोट बैंक से बाहर निकलकर कुछ और करना होगा, नहीं तो उसके लिए चुनौतियों का दौर इसी चुनाव के नतीजों के बाद से शुरू हो जाएगा.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Jaipur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!