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Rajasthan Panchayat Chunav: प्रदेश में पंचायत चुनाव की बिसात बिछ चुकी है. राज्य निर्वाचन आयोग ने जैसे ही वोटर लिस्ट अपडेट का टाइम-टेबल जारी किया, गांव-गांव में चुनावी हलचल तेज हो गई है. ग्राम पंचायत से लेकर जिला परिषद तक लोकतंत्र की परीक्षा होनी है. ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वोटर लिस्ट अपडेट करने का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है. जिला कलक्टर्स को गाइडलाइन भेजकर वोटर लिस्ट संशोधन और पोलिंग बूथ गठन का काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं.
प्रदेश में पंचायती राज चुनाव अब सिर्फ चर्चा नहीं, प्रक्रिया बन चुके हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने वोटर लिस्ट संशोधन का पूरा रोडमैप जारी कर दिया है. सभी जिला कलेक्टरों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वोटर लिस्ट अपटेड से लेकर पोलिंग बूथ गठन और वार्डवार सत्यापन तक का काम तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए. राज्य निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए साफ किया है कि 15 अप्रैल से पहले पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराना अनिवार्य है.
इसी को ध्यान में रखते हुए वोटर लिस्ट अपडेट करने, पोलिंग बूथ तय करने और वार्डवार सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, 29 जनवरी को पंचायत चुनाव के लिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन होगा. इसके बाद 31 जनवरी को वार्ड और पोलिंग स्टेशनों पर वोटर लिस्ट को पढ़कर सुनाया जाएगा ताकि किसी भी तरह की त्रुटि सामने आ सके. 7 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जिनका निस्तारण 14 फरवरी तक किया जाएगा. 25 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया जाएगा.
इस बार पंचायत चुनाव में युवा वोटर बड़ा फैक्टर बनने जा रहे हैं. एक जनवरी 2026 तक 18 साल पूरे कर चुके युवाओं को वोटर लिस्ट में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं यानी पहली बार वोट डालने वाले हजारों युवा गांव की राजनीति का भविष्य तय करेंगे. वोटर लिस्ट को लेकर आयोग ने त्रिस्तरीय सिस्टम लागू किया है. ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद, तीनों के लिए अलग-अलग वार्डवार वोटर लिस्ट बनेगी.
इसके लिए विधानसभा स्तर के डाटाबेस को ही पंचायत स्तर पर री-डिजाइन किया जा रहा है. इसी काम को लेकर कल अफसरों की ट्रेनिंग रखी गई है ताकि चुनावी प्रक्रिया में तकनीकी चूक की कोई गुंजाइश न रहे. पोलिंग बूथ को लेकर भी आयोग ने साफ फार्मूला तय कर दिया है. एक बूथ पर 1100 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे इसलिए एक पोलिंग बूथ पर तीन से चार वार्ड के मतदाता वोट डालेंगे. वार्ड के आधार पर वोटर लिस्ट बनाकर उसका भौतिक सत्यापन किया जाएगा.
इसके लिए प्रगणक तैनात कर दिए गए हैं. इसमें यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वोटर लिस्ट वार्ड के परिसीमन के अनुसार हो. वोटर लिस्ट की शुद्धता के लिए 24 जनवरी तक घर-घर भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिसमें गलत वार्ड में दर्ज नामों को ठीक किया जाएगा और नए वोटर भी जोड़े जाएंगे. समावेशी लोकतंत्र की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए आयोग ने ट्रांसजेंडर और सेक्स चेंज करा चुके मतदाताओं को ‘थर्ड जेंडर’ के रूप में दर्ज कराने का विकल्प दिया है.
वोटर लिस्ट से लेकर बूथ गठन तक चुनावी मशीनरी फुल गियर में आ चुकी है. गांव की चौपाल से लेकर पंचायत भवन तक अब लोकतंत्र की दस्तक सुनाई देने लगी है. जैसे-जैसे तारीखें नजदीक आएंगी, सियासत की सरगर्मी और तेज होगी और प्रदेश के गांवों में सत्ता की तस्वीर बदलने की बिसात बिछती नजर आएगी.
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