&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Rajasthan Police SI Exam Cancelled : राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द की एसआई भर्ती 2021 परीक्षा, आरपीएससी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवालराजस्थान हाईकोर्ट ने 2021 में आयोजित पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा को पेपर लीक मामले के कारण रद्द कर दिया है. जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने कैलाश चंद व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया.
कोर्ट ने न केवल भर्ती परीक्षा को अवैध घोषित किया, बल्कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए. हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए आरपीएससी की प्रक्रियाओं में खामियों को उजागर किया और इस मामले को जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश (सीजे) के समक्ष भेजने का निर्णय लिया.
यह फैसला राजस्थान में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. कोर्ट के इस आदेश से अभ्यर्थियों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां कुछ इसे न्याय की जीत मान रहे हैं, वहीं अन्य नई भर्ती प्रक्रिया की प्रतीक्षा में हैं.
ये था पूरा मामला…
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने सब इंस्पेक्टर (एसआई) और प्लाटून कमांडर के 859 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की, जो 13, 14 और 15 सितंबर 2021 को तीन दिनों तक चली. इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों ने भाग लिया, लेकिन जल्द ही यह पेपर लीक घोटाले का शिकार हो गई. लीक का मुख्य केंद्र जयपुर के हसनपुरा क्षेत्र के शांति नगर स्थित रवींद्र बाल भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल था, जहां स्कूल के प्रिंसिपल और परीक्षा केंद्र के अधीक्षक राजेश खंडेलवाल की मुख्य भूमिका सामने आई. जगदीश और ग्रेड थर्ड टीचर राजेंद्र यादव ने राजेश को 10 लाख रुपये का लालच देकर पेपर लीक करवाया.
राजेश ने विवेक उर्फ यूनिक को स्ट्रॉन्ग रूम में छिपा दिया, जहां से यूनिक ने लिफाफे में चीरा लगाकर पेपर की फोटो खींची और व्हाट्सएप पर जगदीश को भेज दी. इस घोटाले ने भर्ती प्रक्रिया पर गहरा सवाल खड़े कर दिए.घोटाले का खुलासा होने के बाद लंबे समय तक जांच चली, लेकिन 2023 में नई सरकार बनने के बाद कार्रवाई तेज हुई. सरकार ने पेपर लीक की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की घोषणा की. मार्च 2024 से एसआई पेपर लीक कांड में गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो गया. विशेष ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने कई आरोपी, जिसमें ट्रेनी एसआई और आरपीएससी के पूर्व सदस्य जैसे रामूराम रायका, बाबूलाल कटारा शामिल थे, को गिरफ्तार किया. कुल 50 से अधिक लोग गिरफ्तार हुए, जिनमें 33 ट्रेनी एसआई थे.
18 नवंबर 2024 को ट्रेनिंग ले रहे पासिंग आउट परेड और नियुक्ति पर रोक लगा दी गई. नवंबर 2024 में कुल 25 ट्रेनी एसआई को जमानत मिली, लेकिन मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है.इस कांड ने आरपीएससी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए, जिसमें प्रक्रियाओं में अनियमितताएं, निजी स्कूलों को केंद्र बनाने और सदस्यों की संलिप्तता शामिल है. हाईकोर्ट ने भी मामले को जनहित याचिका के रूप में लिया और परीक्षा रद्द करने की दिशा में कदम उठाए. यह घटना राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर एक बड़ा धब्बा साबित हुई, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ.
राजस्थान हाईकोर्ट ने 2021 की सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को पेपर लीक मामले में रद्द कर दिया है, जिससे 859 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रभावित हुई है. यह निर्णय परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है. इस बीच, राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने नई SI भर्ती के लिए 1015 पदों की विज्ञप्ति जारी की है, जिसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 8 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है. हालांकि, 2021 की रद्द हुई भर्ती के 859 पदों का भविष्य अभी अनिश्चित है. सरकार ने इस पर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिया है.
राज्य सरकार ने पहले हाईकोर्ट में यह रुख अपनाया था कि परीक्षा को रद्द करना जल्दबाजी होगी, क्योंकि जांच अभी जारी है. हालांकि, SIT और पुलिस मुख्यालय ने परीक्षा को रद्द करने की सिफारिश की थी. अब, हाईकोर्ट के निर्णय के बाद, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार 2021 की भर्ती के पदों के लिए क्या कदम उठाती है. क्या इन पदों को नई भर्ती में जोड़ा जाएगा या इनके लिए अलग से परीक्षा आयोजित की जाएगी, यह स्पष्ट नहीं है. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे RPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम अपडेट के लिए नजर बनाए रखें.