Rajasthan: पुलिस ट्रैनिंग...उधार की पढ़ाई में 'पैसों का टोटा', 13 साल से नहीं बढ़ाई गई आउटडोर ट्रेनरों की सैलरी

Rajasthan News: पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में बाहर से आउटडोर ट्रेनरों को 13 साल पुराना ही मानदेय दिया जा रहा है. अब पुलिस मुख्यालय ने राजस्थान सरकार से आउटडोर ट्रेनरों को दिए जाने वाले मानदेय को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा है.

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Rajasthan News: उधार की पढ़ाई में 'पैसों का टोटा', कुछ इसी तरह के हाल प्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग संस्थानों में आउटडोर ट्रेनिंग के हो रहे हैं. पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में बाहर से आउटडोर ट्रेनरों को 13 साल पुराना ही मानदेय दिया जा रहा है. अब पुलिस मुख्यालय ने राज्य सरकार से आउटडोर ट्रेनरों को दिए जाने वाले मानदेय को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा है. सरकार यदि यह प्रस्ताव मंजूर कर लेती है तो ट्रेनरों का मानदेय दो से तीन गुना बढ़ जाएंगे.

प्रदेश में राजस्थान पुलिस अकादमी सहित सात पुलिस ट्रेनिंग सेंटर है. पुलिस में भर्ती होने के बाद इन सेंटर में कांस्टेबल से लेकर पुलिस अधिकारियों को ट्रेनिंग देकर काबिल बनाया जाता है. सभी प्रशिक्षण संस्थानों में प्रारंभिक प्रशिक्षण, पदोन्नति पाठ्यक्रम, रिफ्रेशर कोर्स, कमांडो कोर्स, ईआरटी कोर्स तथा अन्य स्पेशलाइजेशन कोर्स चलाए जाते हैं.

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अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग के लिए पुलिस में कार्यरत अधिकारियों, रिटायर्ड अधिकारियों के साथ ही दूसरी सेवा से रिटायर्ड अधिकारी या फिर वकील आदि को आउटसोर्स पर लिया जाता है. गेस्ट फैकल्टी के रूप में बुलाए जाने वाले इन व्यक्तियों को पढ़ाने के लिए मानदेय दिया जाता है.

13 साल में नहीं बढ़ी मानदेय की दरें
इन पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में आउटडोर ट्रेनिंग के लिए बाहर से ट्रेनर बुलाए जा रहे हैं. बाहर से आने वाले गेस्ट ट्रेनर्स को मानदेय दिया जा रहा है, लेकिन इनको दिए जा रहे मानदेय की दरें कम है. आउटडोर प्रशिक्षकों को प्रशिक्षक स्तर से बहुत कम मानदेय मिल रहा है.

इन्हें साल 2013 में निर्धारित की गई दरों के अनुसार मानदेय दिया जा रहा है. ऐसे में कम मानदेय के कारण पुलिस ट्रेनिंग संस्थानों को अच्छे अथिति व्याख्याता अर्थात गेस्ट फैकल्टी नहीं मिल पा रहे हैं. इसका सीधा सीधा असर पर पुलिस ट्रेनिंग पर पड़ना लाजिमी है. इसके उलट इण्डोर प्रशिक्षण में प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने के लिए बाहर से आने वाले अतिथि व्याख्याताओं को दिए जा रहे मानदेय की दरों में वर्ष 2022 में संशोधन कर प्रति कालांश 1500 रुपए दिए जा रहे हैं.

पुलिस मुख्यालय ने राज्य सरकार को आउटडोर गेस्ट फैकल्टी का प्रति कालांश मानदेय दो से तीन गुना दरें बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है. इसमें ड्रिल इन्ट्रेक्टर, पीटीआई के लिए वर्तमान दर 250 को बढ़ाकर 750 रुपए करने का प्रस्ताव दिया है. हथियार प्रशिक्षक, कौशल प्रशिक्षक का मानदेय 350 रुपए से बढ़कार 850 रुपए करने की बात ही है. उच्च दक्षता प्राप्त बाहर के उच्चाधिकारी प्रशिक्षकों को 500 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए करने की मांग की है. प्रशिक्षण व्यय हेतु गठित समिति द्वारा संशोधन प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया है. महानिदेशक ट्रेनिंग सहित अन्य अधिकारियों की टिप्पणी के बाद प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजे गए. पुलिस मुख्यालय से प्रस्ताव मंजूरी के लिए गृह विभाग भेजे गए हैं.
इन गेस्ट फैकल्टी को दिया जाने वाला मानदेय इतना कम है कि वो ट्रेनिंग के लिए आना मुनासिब ही नहीं समझते हैं. वहीं, दूसरी ओर कुछ आ भी जाते हैं तो बेरूखे मन से व्याख्यान देते हैं. अधिकांश गेस्ट फेकल्टी दूसरे शहरों से या फिर विशेष कोर्स के लिए दिल्ली तक से बुलाए जाते हैं. ऐसे में मानदेय कम मिलता है तो वो आने से कतराते हैं. ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि ट्रेनिंग कैसे करवा रहे हैं?
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Sneha Aggarwal

Sneha Aggarwal

मैं स्नेहा अग्रवाल जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हूं. क्राइम और कल्चर की खबरों में दिलचस्पी है. मुझे डिजिटल मीडिया का करीब 4 साल का साल का अनुभव है. इससे पहले मैं ZeeBihar में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं. 4 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, ऑपेरशन सिंदूर समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.
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