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Jaipur News: बीजेपी कार्यालय में मंत्रियों की सुनवाई पर सियासी तकरार भी शुरू हो गई है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सुनवाई पर सवाल उठाया तो बीजेपी नेताओं ने हमलावर होते हुए पलटवार किया. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि हताशा में बयान दे रहे हैं डोटासरा. बीजेपी पदाधिकारियों ने तंज कसा कि डोटासरा ने सिर्फ सत्ता की मलाई खाई है, कार्यकर्ताओं की सुनवाई क्या होती है वो नहीं जानते. वो हमेशा मनगढ़ंत बातें बोलते हैं.
बीजेपी प्रदेश कार्यालय में एक दिसम्बर से सप्ताह में तीन दिन मंत्री दरबार शुरू हुआ. पहले दिन सुनवाई के दौरान ही बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया कि यह सिर्फ कार्यकर्ता सुनवाई है. हालांकि तीसरे दिन कार्यकर्ताओं के साथ कुछ अन्य लोग भी पहुंच गए. इसको लेकर बीजेपी नेताओं से उनकी तीखी बहस तक हो गई. इस बात को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने इस सुनवाई पर सवाल उठाए हुए कह दिया कि बीजेपी की जनसुनवाई में लोग नहीं आ रहे हैं और जो लोग आ रहे हैं उन्हें भी धक्के मार बाहर निकाला जा रहा है. मंत्रियों की उनके विभाग के सचिव नहीं मानते हैं. अपनी फरियाद लेकर आ रहे कार्यकर्ताओं से विधायक या विधायक प्रत्याशी का लेटर लाने की बात कही जा रही है.
डोटासरा के बयान पर जोरदार प्रतिक्रिया
इसके बाद बीजेपी नेताओं ने डोटासरा के बयान पर जोरदार प्रतिक्रिया देते हुए पलटवार किया. संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने डोटासरा के बयान को पूरी तरीके से हताशा से भरा हुआ बताया. पटेल ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा का बयान संभावित हार की आशंकाओं के बीच हताशा वाला है. हमारे अधिकारी सभी मंत्रियों की सुनते हैं, विधायक कार्यकर्ताओं की सुनते हैं. कहीं कोई विरोधाभास नहीं है. मंत्री, विधायक आमजन की जनसुनवाई कर रहे हैं. पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं की जनसुनवाई हो रही है.
पटेल ने कहा कि वो सरकार अलग थी जिसमें शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से पूछा तबादलों के पैसे देने पड़ते हैं और शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए पैसे देने की बात कही. डोटासरा को अपनी सरकार के समय से बाहर निकलना चाहिए. अब वो सरकार नहीं जो होटलों बंद थी, अब वो सरकार है जो हर दिन विकास के नया आयाम स्थापित कर रही है. जहां तक अधिकारियों के तबादलों की बात है नियम प्रक्रिया से मुख्यमंत्री सब की सलाह से समय समय पर करते रहते हैं. हमारी भजनलाल सरकार विकसित राजस्थान की परिकल्पना के साथ डबल इंजन की सरकार है जो दोगुनी रफ्तार से दौड़ रही है.
बीजेपी प्रदेश कार्यलय सचिव मुकेश पारीक ने कहा कि डोटासरा का ऐसा स्वभाव रहा है, उन्होंने सरकार में रहकर सिर्फ और सिर्फ मलाई खाई है. उनका जो रिकॉर्ड रहा है किसी से छिपा नहीं रहा है. जनता तकलीफें थी, जब होटलों में बैठकर कुर्सी बचाने या कुर्सी छीनने का प्रयास कर रहे थे. डोटासरा के बयानों को गंभीरता से नहीं लें. मंत्रियाें की सुनवाई नहीं होती है इसका कोई आधार नहीं है, केवल आरोप लगा रहे हैं. डोटासरा मनगढंत कुछ भी कह लें, कोई ध्यान नहीं देता.
बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने कहा कि यह सिर्फ कार्यकर्ताओं की सुनवाई है. तीन दिन होने वाले सुनवाई में संबंधित मंत्रियों का चार्ट बन गया. मोटे तौर पर ऐसा मापदंड बनाया गया कि कार्यकर्ता जिले, प्रदेश पदाधिकारी या किसी मंडल अध्यक्ष में किसी न किसी की पदाधिकारी की अनुशंषा के साथ लेकर आए. इससे आगे चलकर क्लेश उत्पन्न नहीं हो. स्पष्ट है कि पार्टी कार्यालय पर तो पार्टी कार्यकर्ताओं की सुनवाई हाेगी. सरकार में मंत्री सुबह आवास और दोपहर बाद सचिवालय में जन सुनवाई करते हैं.
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