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Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में बुधवार को सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने नगरीय विकास मंत्री के लिखित जवाब पर आपत्ति जताई. शर्मा ने कहा, आज हमारे मन में अजीब सी उलझन है, जवाब दे रहे मंत्री और गा रहे हैं विधायक. जो जवाब मुझे दिया गया है, वह आपत्तिजनक है.
उन्होंने कहा कि सवाल के खंड 4 में स्पष्ट उल्लेख है कि विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृति देने या निरस्तीकरण से पूर्व स्थानीय प्रतिनिधियों से प्रोजेक्ट की उपयोगिता को लेकर विचार-विमर्श किया गया था या नहीं. इस पर दिए गए लिखित जवाब में सिर्फ 'जी नहीं' लिखा है. शर्मा ने सवाल उठाया कि किसकी सरकार है और ऐसा जवाब क्यों दिया गया है.
नगरीय विकास मंत्री जवाहर सिंह खर्रा ने बताया कि सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र में 2023 से 2025 तक कुल 1.125 किलोमीटर के कार्य स्वीकृत किए गए हैं. इनमें दो कार्यों की लागत 9 करोड़ 48 लाख रुपए है. इसके अलावा क्षेत्र में आरओबी का काम चल रहा है, जिसमें रेलवे और जेडीए दोनों की धनराशि शामिल है. इस आरओबी की चौड़ाई 17.6 मीटर है और इसके लिए 75.95 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई. अब तक 38 करोड़ 95 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं तथा 58 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.
मंत्री ने कहा कि 535 मीटर भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिसके अधिग्रहण के प्रयास किए जा रहे हैं. भूमि मिलते ही अधिग्रहण पूरा कर कार्य शुरू किया जाएगा. उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में जेडीए किसी भी योजना पर प्रस्ताव करने से पहले स्थानीय विधायक से विचार-विमर्श करेगा.
मंत्री ने आगे कहा कि जेडीए ने नगर निगम क्षेत्र में 30 फीट चौड़ी सड़क बनाई है. नगरीय विकास और स्वास्थ्य विभाग आपसी समन्वय से काम करें, ताकि दोहराव से बचा जा सके. उन्होंने कहा कि नगर पालिका और नगर परिषद बोर्ड में विधायक सहायक सदस्य होते हैं, ऐसे में वहां अपने विचार रखें. यदि वहां नहीं सुना जाता है तो नगर विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया जाएगा.
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