Rajasthan Politics : राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर राज्य सरकार वन स्टेट वन इलेक्शन पर अड़िग है, हालांकि कि चुनाव आयोग ने संवैधानिक नियमों का हवाला दे रहा है. इधर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी को लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक उड़ाने वाला कहा.
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Rajasthan Politics : राजस्थान में पंचायत समिति बीकानेर के प्रधान चुनाव का मामले में कांग्रेस ने जल्दबाजी में चुनाव कराने पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल खड़े किए है. पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा ने कहा -आज आदेश .. और कल ही नॉमिनेशन और कल ही इलेक्शन ! लोकतांत्रिक व्यवस्था में ये भद्दा मजाक भाजपा के सिवा कोई नहीं कर सकता.
22 अगस्त की शाम को आदेश जारी होता है, और 23 अगस्त की सुबह नामांकन, स्क्रूटनी और दोपहर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करवा देने का कार्यक्रम बना दिया गया. लोकतंत्र में पारदर्शिता, समयावधि और जनता की सहभागिता होती है, लेकिन यहां तो ना सूचना का समय दिया गया और ना ही सोचने-समझने व सिंबल बांटने का मौका.
ये कैसा तुगलकी फरमान है.. कैसी तानाशाही है?
इस तुगलकी फरमान पर राज्य निर्वाचन आयुक्त और बीकानेर जिला कलेक्टर से बात करके सख़्त आपत्ति दर्ज कराई है. अगर यह अलोकतांत्रिक प्रक्रिया निरस्त नहीं हुई तो कांग्रेस न्यायालय भी जाएगी और सड़कों पर भी आंदोलन करेगी.
आपको बता दें कि इससे पहले कल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पंचायती राज एवं शहरी निकायों के परिसीमन, पुनर्गठन के संबंध में सब कमेटियों की रिपोर्ट अनुमोदित की. और ये जताया गया कि राज्य ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ की ओर तेजी से अग्रसर है. मंत्रियों की दो सब कमेटियों ने सीएम को रिपोर्ट सौंपी थी. इस अनुशंषा रिपोर्ट को सीएम ने कल ही अनुमोदित था. इसे एक साथ पंचायतीराज और निकाय चुनाव कराने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है.
आपको बता दें कि राजस्थान में वन स्टेट वन इलेक्शन को ध्यान में रखते हुए पंचायत और निकाय चुनाव दिसंबर में हो सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ओबीसी आयोग राज्य सरकार को ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट तीन महीने में सौपेंगा. पंचायती राज और शहरी निकाय चुनाव के लिए परिसीमन, पुनर्गठन को लेकर गठित मंत्रियों की उपसमिति की रिपोर्ट मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने शुक्रवार को स्वीकार कर ली. वहीं निर्वाचन आयोग ने पंचायतों में पुराने परिसीमन के आधार पर ही मतदाता सूची तैयार करने के आदेश दिए हैं हालांकि कुछ दिन पहले यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा था कि कोर्ट की फेसले का परीक्षण के बाद ही पंचायत चुनाव पर फैसला होगा, जबकि निकाय चुनाव दिसंबर में ही होंगे.