Rajasthan Politics: हनुमान बेनिवाल का करारा तंज! राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, सरकार में 5 पावर सेंटर और सीएम में अभी बचपना. साथ ही एसआई भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर शनिवार से शुरू करेंगे आंदोलन.

Rajasthan Politics: आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने राज्य सरकार पर जमकर कटाक्ष किए. बेनीवाल ने कहा कि सरकार में पांच पावर सेंटर है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा में अभी बचपना है, लेकिन बच्चों से पूछो तो वो भी कहते हैं कि मैं भजनलाल नहीं बनूंगा. उधर बेनीवाल ने एसआई भर्ती परीक्षा को रद्द करने के लिए शनिवार से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है.
आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों की फायरिंग में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है. उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना में कहीं न कहीं हमारा भी फेल्योर रहा है. इंटेलिजेंस सिस्टम फेल रहा. जहां बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे. वहां सुरक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए थी. जब पंजाब से आतंकवाद का खात्मा हो सकता है तो कश्मीर से क्यों नहीं हो सकता ? अब जिस तरह पीएम जोशीले बयान दे रहे हैं. वो हम दस साल से देख रहे हैं. अब समय आ गया है कि पीओके को भारत में शामिल किया जाए.
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि भजनलाल शर्मा सरकार में पांच पावर सेंटर है. दो पावर सेंटर दिल्ली तथा तीन पावर सेंटर जयपुर में है. जयपुर में अफसर, संघ कार्यालय और खुद का पावर सेंटर है. पांच पांच जगह से मुख्यमंत्री चल रहे हैं. सीएम को पता ही नहीं कि मेरा आज दिन का कार्यक्रम क्या रहेगा और कल क्या रहेगा ? सीएम कहीं खरबूज काटकर खिला रहे हैं. इनसे माहौल नहीं बनने वाला है, भजनलाल जी में बचपना है. राजस्थान रोड चलते बच्चे से पूछो कि भजनलाल बनोगे तो वह कहता है कि मैं भजनलाल नहीं बनूंगा, कुछ और बनूंगा. इससे माहौल बदलने वाला नहीं है. पूर्व सीएम ने पानी का मामला उठाया. आनन फानन में अफसरों की बैठक बुलाई.
आंदोलन की शुरुआत --
उप निरीक्षक (एसआई) भर्ती-2021 परीक्षा रद्द करवाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल जयपुर के शहीद स्मारक से हुंकार भरेंगे. उनकी पार्टी और एसआई भर्ती रद्द करवाने के लिए संघर्ष कर रहे बेरोजगार 26 अप्रैल (शनिवार) से जयपुर के शहीद स्मारक से आंदोलन शुरू करेंगे. इसके साथ ही प्रदेश में पिछले दस सालों में हुए पेपर लीक के मामलों की जांच, राजस्थान लोकसेवा आयोग के पुनर्गठन, रीट भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग भी रखी जाएगी. उन्होंने कहा, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में भर्तियों के नाम पर सबसे बड़ा घोटाला हुआ है. जिसकी सीबीआई जांच हो तो कांग्रेस में सीएम पद के कई दावेदार जेल में होते. उन्होंने कहा, राजस्थान में पांच पांच साल के लिए जंग चल रही है. भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे के कारनामों पर पर्दा डालने का काम कर रही हैं.
भाजपा के संकल्प पत्र में RPSC पुनर्गठन का वादा
बेनीवाल ने कहा, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय भर्तियों में गड़बड़ी के खिलाफ भाजपा सड़क पर आंदोलन कर रही थी. पार्टी के तमाम बड़े नेता कभी सिविल लाइंस पर प्रदर्शन कर रहे थे. आरपीएससी के पुनर्गठन की बात भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में की है. रीट के लेवल-2 को तो गहलोत सरकार ने रद्द किया. लेकिन रीट लेवल-1 को रद्द नहीं किया. एसआई भर्ती-2021 बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है. पीटीआई भर्ती में 90 फीसदी डिग्रियां बाहरी राज्यों के विश्वविद्यालय की हैं.'
पहले लीक हो जाती है ईडी की छापेमारी की सूचना
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि 2018 से लेकर 2023 तक गहलोत राज में सबसे बड़ा घोटाला भर्तियों के नाम पर हुआ है. अगर भजनलाल सरकार ठीक से जांच करवाए तो बड़े मगरमच्छ और सीएम पद के कई दावेदार जेल में होते. ईडी का भी छापा पड़ा था. लेकिन जब ईडी अपने ऑफिस से रवाना होती तो पहले ही समाचार पहुंच जाता तो वे कागज छिपा देते हैं. उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार के सवा साल की विफलता के खिलाफ कांग्रेस भी कोई बड़ा आंदोलन नहीं कर पाई है.
कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल ...
बेनीवाल ने कहा, मुख्यमंत्री को लगातार जान से मारने की धमकी मिल गई. बच्चियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. ऐसे में कहां कानून का राज है. उन्होंने एसआई भर्ती के मामले में एक मंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि एसओजी पेपर लीक मामलों की जांच कर रही है. लेकिन एसओजी के पास पर्याप्त संसाधन नहीं है. ऐसे में रीट पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई से करवाई जानी चाहिए. भाजपा के नेता कांग्रेस के नेताओं पर आरोप लगाती है. लेकिन जांच क्यों नहीं करवाई जाती है.
कार्रवाई से बचने के लिए कांग्रेस नेताओं का सरेंडर
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पशु परिचर भर्ती में नॉर्मलाइजेशन के नाम पर अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है. वे बोले, आरएलपी के सहयोग से दस साल बाद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का खाता खुला. लेकिन उपचुनाव में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार के सामने सरेंडर कर दिया और कार्रवाई से बचने के लिए अपने ही प्रत्याशियों की जमानत जब्त करवा ली. यह दर्शाता है कि प्रदेश में कांग्रेस-भाजपा के गठजोड़ का खेल चल रहा है. पांच साल इसका और पांच साल उसक राज. दोनों पार्टियां एक-दूसरे के कारनामों पर पर्दा डालने में लगी हैं.
पर्ची से सीएम बनने लगे हैं...
बेनीवाल ने कहा कि बीजेपी आराम से राज कर रही है. उपर मोदी अमित शहर मजबूत है भजनलाल की जगह कोई और बना देते हैं. जब पर्ची से सीएम बनने लगे तो राजस्थान का इससे बडा घोर अपमान नहीं हो सकता. कांग्रेस दो सौ आदमी इकट्ठा न हीं कर पाती है. रॉबर्ट वॉड्रा को सीबीआई ले जाती है कांग्रेस काम नहीं करती है . कांग्रेस बीजेपी गुटों में बंटी हुई है