Rajasthan News: राज्यमंत्रियों को भजनलाल सरकार में प्रमोशन की आस है. 5 मंत्री डेढ़ साल से कैबिनेट में जगह का इंतजार कर रहे है. राठौड़ के बयान से सियासी हलचल तेज हो गई है.
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Rajasthan News: बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के बयान के बाद भजनलाल सरकार के राज्यमंत्रियों को प्रमोशन की उम्मीद है. पिछले डेढ़ साल में सरकार के पांच राज्य मंत्रियों को कैबिनेट मंत्रियों ने ज्यादा काम नहीं दिया है. अब ये मंत्री कैबिनेट रिशफलिंग में अपने प्रमोशन की बाट जोह रहे हैं.
इधर, मदन राठौड़ ने बयान दिया, तो दूसरी और राज्यमंत्रियों के चेहरे पर मुस्कान बिखर गई. भजनलाल सरकार के राज्यमंत्री विधानसभा से लेकर प्रदेश के दौरों तक खासे सक्रिय हैं. आखिर सीएम की निगाह में नंबर बढ़ाने का सवाल है, तो भला कमी क्यों रखी जायें. गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के सरकारी आवास पर रोजाना आम जनता का सैलाब उमड़ता है. अपनी परेशानियां लेकर जनता उनके दर पर आती है. बेढम एसपी से लेकर आईजी तक को फोन करते हैं. पिछले डेढ़ साल से उनके घर पर इसी तरह का माहौल है.
जनसुनवाई में परेशान लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने में बेढम ने अपनी ओर से कोई कमी नहीं छोड़ी. अपने काम से मंत्री जी संतुष्ट तो हैं, पर मन में प्रमोशन की महत्वाकांक्षा भी हिलोरे मार रही हैं, वो होम डिपार्टमेंट के स्टेट मिनिस्टर हैं. इस महकमे के कैबिनेट मंत्री मुख्यमंत्री हैं, तो डेयरी और पशुपालन महकमे के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत. विधानसभा में बेढम को जब भी मौका मिला, उन्होंने विधायकों के सवालों के बखूबी जवाब भी दिए, तो मौका पड़ने पर सरकार के लिए ट्रबल शूटर की भूमिका निभाकर खुद की उपयोगिता भी साबित की. गृह विभाग की ज्यादा फाइलें उनके पास भले ही ना आए, पर इसका उन्हें कोई मलाल नहीं है. गुर्जर समाज से भजनलाल कैबिनेट में वो अकेले मंत्री हैं, इसलिए उन्हें अपने प्रमोशन का पूरा भरोसा है. पूछने पर बस बेढम इतना ही कहते हैं, वो तो पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं जो भी जिम्मेदारी पार्टी देगी. उसे निभाने में कभी पीछे नहीं हटेंगे.
मंजू बाघमार भजनलाल सरकार में पीडब्ल्यूडी के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्यमंत्री हैं. उनकी कैबिनेट मंत्री उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी है. विधानसभा में बाघमार ने महिला एवं बाल विकास विभाग से लेकर अपने से संबंधित विभागों के कई बार जवाब दिए. कभी भी विपक्ष उन्हें घेर नहीं पाया. पहली बार मंत्री बनने के बावजूद उनकी जवाब देने की शैली से सरकार में हर कोई प्रभावित दिखा है. इस कैबिनेट में मेघवाल समाज की वो अकेली मंत्री हैं, इसलिए उन्हें सरकार पर पूरा भरोसा है कि उन्हें अपनी मेहनत का इनाम जरूर मिलेगा, पर कभी भी उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षायें जाहिर नहीं की. बस पार्टी ने जब भी उनको कोई टास्क दी, उसे उन्होंने पूरा करने में कभी कोई कोताही नहीं बरती.
भजनलाल सरकार में ओटाराम देवासी ग्रामीण विकास विभाग के राज्यमंत्री हैं. उनके कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोड़ीलाल मीणा हैं. केके बिश्नोई उद्योग राज्य मंत्री हैं. राज्यवर्धन सिंह राठौड़ उनके कैबिनेट मंत्री हैं, तो विजय सिंह चौधरी राजस्व राज्यमंत्री हैं. उनके कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा है. विजय सिंह चौधरी चाहे सचिवालय हों या फिर सिविल लाइंस स्थित आवास पर नागौर से लेकर बाड़मेर तक के लोग उनके पास काम की फरियाद लेकर आते हैं. खांटी मंत्री जनहित से जुड़े काम कराने में कभी पीछे नहीं हटते. चौधरी दावा करते हैं कि सरकार में उनकी पूरी सुनवाई होती है जो भी काम मिला है उससे संतुष्ट हैं. आखिर ओहदा मंत्री का है. चाहे कैबिनेट हो या राज्यमंत्री इससे भला फर्क भी क्या पड़ने वाला है.
भजनलाल सरकार में एक एक मंत्री के काम की बारीकी से समीक्षा हो रही है, जिन राज्य मंत्रियों का परफॉर्मेंस बेहतर होगा. उनमें से कुछ का प्रमोशन तय माना जा रहा है, जिनका काम संतोषजनक नहीं है और जिनका विवादों से नाता है, उनकी छुट्टी होते भी देर नहीं लगेगी. बहरहाल, मंत्रियों के जिलों के दौरे, कमेटियों के कामकाज में उनकी सक्रियता और सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को धरातल पर लागू करने में उनकी ओर से किए प्रयास ही उनका डिमोशन और प्रमोशन तय करने का पैमाना है.
रिपोर्टर- बाबूलाल धायल
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