राजस्थान में अक्षय ऊर्जा का लक्ष्य 90 गीगावाट का, अभी 10 GW का उत्पादन

सुबोध अग्रवाल ने बताया कि देश में 2022 तक 175 गीगावाट रिन्यूवल एनर्जी विकसित करने का लक्ष्य है, जिसके विरुद्ध मई, 21 तक 94 गीगावाट रिन्यूवल एनर्जी क्षमता विकसित की जा चुकी है. 

राजस्थान में अक्षय ऊर्जा का लक्ष्य 90 गीगावाट का, अभी 10 GW का उत्पादन
राजस्थान में अक्षय ऊर्जा का 90 गीगावाट का लक्ष्य है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Jaipur: राजस्थान में 2030 तक 90 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य अर्जित किया जाना है जबकि देश में 2030 तक 450 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है. इस समय राजस्थान 10 गीगावाट अक्षय ऊर्जा के उत्पादन के साथ देश में 11 प्रतिशत भागीदारी निभा रहा है.

अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है, तो विश्‍व का सबसे बड़ा 2245 मेगावाट का सोलर पार्क जोधपुर के बाप तहसील के भादला में स्थापित किया गया है. अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम और राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के सीएमडी डा. सुबोध अग्रवाल ने अक्षय ऊर्जा को लेकर हुई वर्चुअल समिट में कहा कि देश में अक्षय ऊर्जा के 2030 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जून, 23 के बाद भी स्थापित होने वाले अक्षय ऊर्जा संयत्रों को अन्तरराज्यीय विद्युत प्रसारण तंत्र आईएसटीएस द्वारा आज की तरह निःशुल्क सुविधा उपलब्ध करानी होगी. 

सुबोध अग्रवाल ने बताया कि देश में 2022 तक 175 गीगावाट रिन्यूवल एनर्जी विकसित करने का लक्ष्य है, जिसके विरुद्ध मई, 21 तक 94 गीगावाट रिन्यूवल एनर्जी क्षमता विकसित की जा चुकी है. उन्होंने जोर देकर कहा कि 450 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिवर्ष कम से कम 25 गीगावाट एनर्जी क्षमता विकसित करने का लक्ष्य तय करना होगा.

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान में सोलर एनर्जी नीति जारी कर आकर्षक रियायतें और प्रोत्साहन दिया जा रहा है. प्रदेश में 2024-25 तक 37.5 गीगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. 

उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा के लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करने के लिए केन्द्र सरकार को अन्तरराज्यीय विद्युत प्रसारण तंत्र द्वारा दी जा रही सुविधाओं को 2023 के बाद भी जारी रखना होगा. वहीं, जैसलमेर और जोधपुर में गोड़ावण के लिए पर्यावरण समस्या के समाधान और केन्द्र सरकार की कुसुम योजना के क्रियान्वयन में वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए बैंकों की सहभागिता तय करने की आवष्यकता है. इसके लिए बैंकों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आगे आना होगा.

अग्रवाल ने कहा कि 'कुसुम योजना' में किसानों को वित्तीय सपोर्ट उपलब्ध कराने की आवश्यकता है. अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में कुसुम योजना में राजस्थान में अच्छा काम हुआ है और जयपुर जिले के कोटपुतली के भालोजी गांव में देश का पहला एक मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित किया जा चुका है. कुसुम योजना में ही गए सप्ताह ही राज्य में 2 मेगावाट का सोलर प्लांट चालू किया गया है.

उन्होंने बताया कि राज्य में कुसुम योजना में 6 और परियोजनाएं जल्दी ही पूर्ण होने जा रही है. उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार सोलर और विंड एनर्जी क्षमता विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और अपनी रीति और नीति को इस तरह से विकसित किया है जिससे अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश आए और अधिक से अधिक अक्षय ऊर्जा का उत्पादन शुरु हो सके.