राजस्थान में बदलने जा रही RGHS योजना, मंत्री खींवसर बोले- इसके अलावा कोई विकल्प नहीं

Jaipur News: राजस्थान सरकार RGHS योजना को इंश्योरेंस मॉडल से जोड़ने की तैयारी में है. वहीं कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत मामले में एम्स की जांच टीम 23 मई तक रिपोर्ट सौंपेगी.
 

राजस्थान में बदलने जा रही RGHS योजना, मंत्री खींवसर बोले- इसके अलावा कोई विकल्प नहीं
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Jaipur News: राजस्थान सरकार अब राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. चिकित्सा मंत्री ने संकेत दिए हैं कि सरकार इस योजना को इंश्योरेंस मॉडल के तहत लागू करने की दिशा में काम कर रही है. उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आने के बाद सरकार के पास यह कदम उठाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है.

RGHS योजना में बदलाव की तैयारी
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि आरजीएचएस योजना के तहत कई स्थानों पर अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायतें मिली थीं. इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए सरकार अब योजना को इंश्योरेंस आधारित प्रणाली से जोड़ने की योजना बना रही है. उनका मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन अधिक व्यवस्थित होगा और सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा. सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें. साथ ही चिकित्सा खर्चों की निगरानी भी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सके.

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कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का मामला
इधर न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल कोटा में प्रसूताओं की मौत के मामले को लेकर भी चिकित्सा मंत्री ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एम्स से जुड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम जांच कर रही है. यह टीम 23 मई तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी.

रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रसूताओं की मौत का वास्तविक कारण क्या था. मंत्री ने बताया कि फिलहाल चिकित्सा विभाग की ओर से कुछ स्तर पर कार्रवाई भी की गई है, लेकिन अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा.

संक्रमण और दवाओं के एंगल से भी जांच
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मामले में संक्रमण, फ्लूड और दवाओं सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन फ्लूड और दवाओं की सप्लाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वही दवाएं राज्य के अन्य अस्पतालों में भी भेजी गई थीं. यदि दवाओं में कोई खराबी होती तो अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की घटनाएं सामने आतीं.

उन्होंने यह भी कहा कि कोटा के इस सरकारी अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीजों की ओपीडी और सिजेरियन डिलीवरी होती हैं. ऐसे में कुल मामलों की तुलना में मौतों का प्रतिशत काफी कम है, लेकिन जो घटनाएं हुई हैं वे बेहद दुखद और गंभीर हैं.

सुधारात्मक कदमों पर सरकार का फोकस
मंत्री खींवसर ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले की गहराई से जांच करवा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. जांच रिपोर्ट के आधार पर जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे.

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Sandhya Yadav

Sandhya Yadav

संध्या यादव ज़ी राजस्थान न्यूज में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. वह राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हैं. इन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. करियर की शुरूआत इन्होंने डिजिटल मीडिया से की थी. 8 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. इससे पहले Newstrack और ETV Bharat में भी सेवाएं दे चुकी हैं. हेडलाइन, एडिटिंग और कंटेंट पैकेजिंग इनकी खासियत है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट पॉलिटिकल क्राइसिस और राजस्थान कोरोना क्राइसिस समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.