
Rajasthan Sheetala Ashtami 2025: राजस्थान और देश भर में शीतला सप्तमी 21 मार्च 2025 शुक्रवार यानी कल मनाई जाएगी. ऐसे में हम आपको राजस्थान के जयपुर के चाकसू में सबसे बड़ा और प्रसिद्ध शीतला माता का मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं. इस मंदिर में शीतला माता, जो चेचक और अन्य बीमारियों की देवी कहा जाता है.
यहां चैत्र मास (मार्च-अप्रैल) के महीने में भारी संख्या में भक्त दर्शन करने आते हैं. खासकर शीतला अष्टमी के दिन, जिसे 'बसौड़ा' भी कहा जाता है. इस दिन माता की पूजा-अर्चना की जाती है और भक्त शीतला माता को ठंडे खाने का भोग लगाते हैं. मां शीतला को ठंडक प्रदान करने वाली देवी कहा जाता है.
शीतला माता का यह मंदिर अपने आप में एक विशाल संरचना है, जिसकी वास्तुशिल्प डिजाइन भी बहुत ही आकर्षक है. इसके अलावा राजस्थान के अन्य हिस्सों में शीतला माता के मंदिर हैं लेकिन चाकसू में स्थित मंदिर की महत्ता और भक्तों की आस्था के कारण, यह सबसे ज्यादा प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है.
शीतला माता के मंदिर में बच्चों में माता निकलने यानी चेचक की बीमारी होने पर यहां माता के मंदिर में बच्चों को ढोक लगवाने की परंपरा है. शीला माता का यह मंदिर 500 साल पुराना बताया जाता है.
शीतला माता के मंदिर की पहाड़ी भी अनोखी है. इस पहाड़ी का पत्थर माता की मूर्ति के रूप में पूजा है इसलिए लोग यहां से पत्थर भी अपने घर पर लेकर जाते हैं. इस पत्थर की बनावट को माता के रूप में जाना और पूजा जाता है.
शीतला सप्तमी शुभ मुहूर्त
शीतला सप्तमी का शुभ मुहूर्त तारीख 21 मार्च यानी कल सुबह 2 बजकर 45 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 22 मार्च को सुबह 4 बजकर 23 मिनट पर होगा. शीतला सप्तमी का पूजन मुहूर्त 21 मार्च को सुबह 6 बजकर 24 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 33 मिनट तक रहेगा.
डिस्क्लेमर- ये लेख सामान्य जानकारी और लोगों द्वारा बताई गई कहानियों पर आधारित है, इसकी ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.