Rajasthan Siyasi Kissa: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत के साथ एक दिलचस्प अनुभव साझा किया। आइये जानते हैं इसी मजेदार किस्से को, वो भी विस्तार से…
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Rajasthan Siyasi Kissa: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत से जुड़ा एक रोचक किस्सा साझा किया था. आज हम आपके लिए राजस्थान के सियासी किस्से में पीएम मोदी और पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत के बीच का दिलचस्प किस्सा लेकर आये हैं.
यह घटना उस समय की है जब वे दोनों पार्टी के काम से दौरे पर जा रहे थे और दिल्ली एयरपोर्ट पर मौजूद थे. इसी दौरान, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर भी एयरपोर्ट पहुंचे. भैरोंसिंह ने दूर से ही चंद्रशेखर को आता देख लिया. यह किस्सा उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर पर लिखी पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में साझा किया. इस तरह के अनुभव अक्सर नेताओं के बीच की बातचीत में रोचकता भर देते हैं.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया. जब वे और भैरोंसिंह शेखावत दिल्ली एयरपोर्ट पर थे, तब चंद्रशेखर भी वहां पहुंचे. भैरोंसिंह ने जल्दी से अपनी जेब की चीजें मोदी की जेब में डाल दीं. मोदी को समझ नहीं आया कि ऐसा क्यों हो रहा है, लेकिन जब चंद्रशेखर ने आते ही भैरोंसिंह की जेब में हाथ डाला, तो मोदी समझ गए कि भैरोंसिंह पान मसाला और तंबाकू से बचना चाहते थे, जो चंद्रशेखर के विरोधी थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया जिसमें उन्होंने जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के लोगों और उनकी विचारधारा के बीच के अंतर को उजागर किया. उन्होंने बताया कि कैसे चंद्रशेखर जी और उनकी विचारधारा अलग थी, लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच एक अनोखा रिश्ता था. मोदी ने भैरोंसिंह शेखावत के साथ अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि कैसे चंद्रशेखर जी भैरोंसिंह जी की भलाई के लिए चिंतित रहते थे, जो उनके बीच के अपनापन और खुलापन को दर्शाता है. यह घटना राजनीतिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत संबंधों के महत्व को उजागर करती है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उन्होंने कहा कि अगर चंद्रशेखर आज होते, तो उनकी छवि को भी गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की जाती और उन्हें वह सम्मान नहीं मिलता जिसके वे हकदार थे. मोदी ने चंद्रशेखर पर लिखी पुस्तक की पहली प्रति उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू को भेंट की. इस अवसर पर मोदी ने कहा कि चंद्रशेखर का जीवन और उनकी विरासत आज भी प्रासंगिक है और युवाओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए.