Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) में पहली बार पेंटालून (सैडल बैग) हर्निया की सफल रोबोटिक सर्जरी की गई है. यह उपलब्धि SMS अस्पताल की सर्जरी यूनिट-6 के संयुक्त प्रयास का परिणाम है.
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Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है. राजस्थान में पहली बार पेंटालून (सैडल बैग) हर्निया की सफल रोबोटिक सर्जरी की गई है. यह ऑपरेशन कम रक्तस्राव और छोटे चीरे के साथ अत्याधुनिक रोबोट तकनीक द्वारा किया गया, जिससे मरीज को जल्द स्वस्थ होने में मदद मिली.
सर्जरी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि 42 वर्षीय मरीज रामगढ़ दौसा निवासी लेफ्ट इनगुइनल हर्निया की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया था. जांच के दौरान मरीज में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट दोनों प्रकार के हर्निया सैक पाए गए.
सर्जरी से पहले डॉ. राजेंद्र मांडिया, डॉ. शालू गुप्ता और डॉ. जीवन कांकरिया ने मरीज की जांच की और रोबोटिक सर्जरी की अनुमति दी. सर्जरी का नेतृत्व सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभा ओम के निर्देशन में किया गया. डॉ. भूपेन सोंग्रा की यूनिट में डॉ. नरेंद्र शर्मा ने यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया.
इस प्रक्रिया में डॉ. अमित गोयल, डॉ. प्रवीण जोशी, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. सुनील चौहान, डॉ. इंदु वर्मा और नर्सिंग स्टाफ सुनील शर्मा तथा सायर चौधरी का अहम सहयोग रहा. ऑपरेशन मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत नि:शुल्क किया गया. डॉ. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है. यह उपलब्धि SMS अस्पताल की सर्जरी यूनिट-6 के संयुक्त प्रयास का परिणाम है.
पढ़िए जयपुर की एक और खबर
अलवर जिले के नारायणपुर क्षेत्र में एक लापरवाह ट्राला चालक की वजह से एक परिवार हमेशा के लिए उजड़ गया. नारायणपुर बिजली कार्यालय में कार्यरत जयपुर विद्युत वितरण निगम के कर्मचारी राजेंद्र पांचाल की जान एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रॉले ने छीन ली.
यह ट्रॉला रोड़ी से भरी हुई थी और बेकाबू होकर सड़क पर आ रही थी, जिसने राजेंद्र को बुरी तरह ट्राले ने मारी टक्कर. हादसा इतना भयानक था कि राहगीरों ने घायल अवस्था में राजेंद्र को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें जयपुर रेफर कर दिया गया लेकिन रास्ते में हालत बिगड़ने पर एंबुलेंस कर्मचारियों ने उन्हें शाहपुरा जिला ट्रॉमा सेंटर ले जाया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.
इस हादसे से पूरे क्षेत्र और जयपुर बिजली विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है. राजेंद्र पांचाल के 2 साल और 9 साल का बेटा है, इन दो मासूम बच्चों से उनके सिर से पिता का साया उठ गया. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच जारी है.
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है. सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कब तक ऐसे लापरवाह ट्राला चालकों पर कार्रवाई होगी? क्या ट्रॉला चालक को सजा मिलेगी या मामला फिर से कागज़ों में दफन हो जाएगा?
यह हादसा न सिर्फ एक व्यक्ति की जान जाने की कहानी है, बल्कि यह सिस्टम की लापरवाही और सड़कों पर बेकाबू वाहनों की दर्दनाक सच्चाई को उजागर करता है.
Reporter- Avaj PANCHAL
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