&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Jaipur News: परिवहन विभाग का कार्यालयों को कैशलेस बनाने का नया आदेश पारदर्शिता बढ़ाने वाला है. वही उड़नदस्तों को भी अब नकद राशि से चालान कम्पाउंड बनाने से रोका गया है लेकिन इस आदेश से एक तरफ जहां आम ड्राइवरों के लिए परेशानी बढ़ गई है, वहीं इसका असर विभाग के राजस्व पर भी पड़ने की आशंका है.
परिवहन विभाग की सचिव शुचि त्यागी ने 4 सितंबर को एक आदेश जारी किया है कि अब परिवहन निरीक्षक और उप निरीक्षक चालान कम्पाउंड करने के दौरान नकद राशि नहीं ले सकेंगे. उन्हें ऑनलाइन माध्यम से राशि लेते हुए ही चालान कम्पाउंड करना होगा.
वहीं, विभाग के आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में भी अब सभी तरह की राशि जमा करने की प्रक्रिया ऑनलाइन ही हो सकेगी. परिवहन मुख्यालय को उम्मीद है कि इस आदेश से विभाग के कार्यालयों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी. परिवहन उड़नदस्ते अब अपने पास नकद राशि नहीं रख सकेंगे. पूर्व में एसीबी द्वारा कई मामलों में नकदी बरामद होने पर परिवहन उड़नदस्ते इसे चालान कम्पाउंडिंग से प्राप्ति राशि बताते रहे हैं लेकिन अब उड़नदस्ते इस तरह का तर्क नहीं दे सकेंगे. इन सब सकारात्मक तर्कों के बावजूद नए आदेश से आम ड्राइवरों के लिए परेशानी बढ़ गई है.
कैशलेस के आदेश से परेशानी क्या ?
जहां चेकिंग के दौरान नेटवर्क नहीं मिलता, वहां चालान कम्पाउंड नहीं हो सकेंगे
बड़ी संख्या में चालक स्मार्टफोन नहीं रखते, ऑनलाइन पेमेंट नहीं जानते
जुर्माना राशि नहीं भरने पर वाहन डिजिटल लॉक होंगे
इससे पेंडिंग चालानों की संख्या बढ़ने की आशंका रहेगी
चालान के ई-मित्र पर भुगतान करने पर कमीशन देना होगा
ई-मित्र संचालक कम से कम 200 रुपए लेते, राशि बढ़ने पर बढ़ा देते कमीशन
मशीन में कई तरह की प्रॉब्लम के चलते भुगतान नहीं हो पाता या अटक जाता
अन्य राज्यों के ट्रांसपोर्टर्स को चालान भुगताने के लिए कार्यालय आना होगा
ऑनलाइन फर्जी साइट्स के चंगुल में फंसने पर आर्थिक नुकसान की भी आशंका
परिवहन विभाग के इस आदेश को लेकर पारदर्शिता का तर्क दिया जा रहा है, लेकिन जो चालक ऑनलाइन पेमेंट मोड करने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए परेशानी सबसे अधिक होगी. ऐसे ट्रक चालकों को ई-मित्र संचालकों के पास जाने की मजबूरी रहेगी.
वहीं, बड़ी समस्या यह है कि ई-मित्र संचालकों द्वारा वसूले जाने वाले मनमर्जी के कमीशन को लेकर विभाग की कोई नियंत्रण व्यवस्था नहीं है. ई-मित्रों का नियंत्रण सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पास रहता है. कई बार पोस मशीन में ऑनलाइन स्कैनर से भुगतान होते समय पेमेंट अटक जाता है, जिससे न तो पेमेंट विभाग के पास जाता हैं और न ही राशि वापस भुगतान करने वाले के पास पहुंचती है. इस समस्या का समाधान परिवहन विभाग और एनआईसी अब तक नहीं निकाल सके हैं.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Jaipur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!