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Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में 9 सितंबर यानी आज मंगलवार को धर्मांतरण विरोधी बिल पास कर दिया गया है. वहीं, बिल पास होते ही 10 सितंबर सुबह तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है. वहीं, धर्मांतरण विरोधी बिल की बहस में कांग्रेस ने हिस्सा नहीं लिया और इस दौरान कांग्रेस विधायक हंगामा करते रहे.
धर्मांतरण विरोधी बिल में कड़े प्रावधान कर दिए गए हैं, जिसमें गलत तरीके से धर्म परिवर्तन करवाने वाली संस्थाओं के भवनों को सीज करने और तोड़ने का नियम बनाया गया है.
धर्मांतरण विरोधी बिल के तहत, धर्म परिवर्तन करवाने वाली संस्थाओं के भवनों पर बुलडोजर तभी चलाया जाएगा, जब वे नियमों का उल्लंघन करें या फिर अतिक्रमण के द्वारा बनाई गई हो. जांच के बाद स्थानीय निकाय और प्रशासन बुलडोजर चलाएगा. बिल के तहत ऐसी संस्थाओं पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके अलावा अगर किसी जगह पर सामूहिक धर्म परिवर्तन करवाया जाता है, तो वहां उस संपत्ति को तोड़ा जाएगा, जिस भवन में सामूहिक धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है और उसे प्रशासन द्वारा जब्त किया जाएगा.
इस दौरान राजस्थान विधानसभा में स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि बिल पारित होने के साथ धर्म की जय हुई है.
शिक्षा के नाम पर लालच देकर मन चित्त परिवर्तन का काम किया जा रहा था. षडयंत्र पूर्वक धर्म परिवर्तन करने वाली संस्थाओं पर लगाम लगेगी. बिल के पास होने पर कांग्रेसी शामिल नहीं थी. कांग्रेस ने संदेश दे दिया कि वह जिहादियों के साथ है. गांधी परिवार नाराज नहीं हो जाए इसलिए उन्होंने चर्चा में भाग नहीं लिया. वहीं, मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि हमारी आज विधानसभा में एक बहुत ही बड़ा निर्णय लिया है.
मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि राजस्थान पूरे देश भर में सख्त से सख्त कानून बनाने वाला पहला प्रदेश बना. धर्म स्वतंत्र का अधिकार जनता को इस बिल के बाद पूर्णतया मिलेगा. तुष्टिकरण और परिवार के आधार पर कांग्रेस राजनीति कर रही है. राजस्थान आने वाले समय में इस प्रकार का कानून बनाकर प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करने वालों पर अंकुश लगाएगा. धर्मांतरण करने वालों पर काम से कम 7 साल और अधिक से अधिक 20 साल की सजा का प्रावधान है.
धर्मांतरण करने वालों की संपत्ति को बुलडोजर से क्षतिग्रस्त करने का अधिकार भी दिया गया है. कांग्रेस मुद्दों से भागने वाली है अगर बिल पर कांग्रेस बोलती तो उनका मुस्लिम वोट बैंक नाराज हो जाता.
वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सत्ता पक्ष में हमारी जासूसी करने के लिए कैमरे लगवाए ताकि हम विरोध करें और यह बिल का बहाना ले. सुबह मुझे प्रश्न काल में बोलने से रोका. मैंने अपनी बात कही, संसदीय कार्य मंत्री ने अपनी बात कही. विधानसभा अध्यक्ष को अपनी बात कहनी थी. इससे पहले ही सचेतक ने कहा कि सदन बेडरूम या बाथरूम नहीं है. लोकतंत्र की मजबूती के लिए सदन में शपथ लेते हैं, वही उसकी तुलना किससे करते हैं. आज पवित्र सदन की तुलना बेडरूम और वॉशरूम से तक कर दी. इन लोगों का एजेंडा चलता है, उसे चलाने में यह लोग लगे हुए हैं.
11 साल से पीएम मोदी बैठे हुए तो इन्हें आज धर्मांतरण की याद कैसे आई. कभी यूपी, कभी हरियाणा में धर्मांतरण कानून बना रहे हैं, तो मोदी देश में ही मजबूत कानून क्यों नहीं बना देते थे. उनके विधायक ने ही सवाल लगाया था. इन्हीं मंत्री ने जवाब दिया था कि राजस्थान में लव जिहाद का एक भी मामला नहीं है. फिर किस मुंह से यह धर्मांतरण बिल के लव जिहाद को कारण बता रहे हैं.
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