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Rajasthan Mausam Update: प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में शुक्रवार को तापमान जमाव बिंदु (0 डिग्री सेल्सियस) तक पहुंच गया. वहीं, सरहदी जिलों बाड़मेर और बीकानेर में भी सर्दी का असर बढ़ा है. खासतौर पर बाड़मेर में इस सीजन में पहली बार दिन का अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जो ठंड की तीव्रता को दर्शाता है.
शेखावाटी क्षेत्र में गलनभरी सर्दी का दौर लगातार जारी है. पिछले 24 घंटे के दौरान श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, सीकर, चूरू और झुंझुनूं सहित उत्तर-पूर्वी जिलों में घना कोहरा छाया रहा. कोहरे के साथ-साथ प्रदेश के कई हिस्सों में ठंडी हवाएं भी चलती रहीं, जिससे सुबह और शाम के समय सर्दी और ज्यादा बढ़ गई.
काफी हिस्सों में सुबह और शाम की सर्दी और बढ़ सकती
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस चित्तौड़गढ़ में दर्ज किया गया. वहीं, कई जिलों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है. विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 जनवरी से राजस्थान में सर्द हवाएं और तेज चल सकती हैं, जिसके चलते न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट होने की संभावना है. इसके असर से प्रदेश के काफी हिस्सों में सुबह और शाम की सर्दी और बढ़ सकती है.
राजस्थान में सर्दी का असर उम्मीद के मुताबिक नहीं
हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल राजस्थान में सर्दी का असर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है. इसका मुख्य कारण उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में कम बर्फबारी और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है. आमतौर पर पहाड़ों में अच्छी बर्फबारी होने पर उत्तर-पश्चिमी दिशा से तेज ठंडी हवाएं चलती हैं, जिससे राजस्थान में शीतलहर तेज होती है. लेकिन इस बार अब तक ऐसी परिस्थितियां नहीं बन पाईं.
पश्चिमी विक्षोभ का असर भी कम
इसके अलावा, इस सर्दी के सीजन में पश्चिमी विक्षोभ का असर भी अपेक्षाकृत कमजोर रहा है. इसी वजह से न तो तेज ठंड पड़ी और न ही अच्छी ‘मावठ’ (शीतकालीन बारिश) देखने को मिली. यही कारण है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सर्दी का प्रभाव कम महसूस किया जा रहा है.
बीते 10 साल के आंकड़े क्या कहते हैं
पिछले 10 वर्षों (2016 से 2025) के आंकड़ों पर नजर डालें तो जयपुर में जनवरी महीने में सबसे अधिक सर्दी 2023 और 2017 में पड़ी थी. इन वर्षों में न्यूनतम तापमान क्रमशः 3.6 डिग्री और 3.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था. वहीं, मावठ के लिहाज से 2022 सबसे अधिक बारिश वाला साल रहा, जब जनवरी महीने में 48.5 मिमी बारिश दर्ज की गई थी.
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक राजस्थान में तेज सर्दी और सर्द हवाओं का दौर जारी रह सकता है. ऐसे में लोगों को सुबह-शाम विशेष सतर्कता बरतने, गर्म कपड़ों का उपयोग करने और कोहरे के दौरान यात्रा में सावधानी रखने की सलाह दी गई है.
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