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Rajasthan Politics: भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपना 46वां स्थापना दिवस मना रही है. प्रदेश बीजेपी के दिग्गज नेता इस दिन को बड़े उल्लास के साथ मना रहे हैं. आज सूबे में भाजपा के पास कई दिग्गज नेता हैं. लेकिन एक दौर था, जब सिर्फ और सिर्फ वसुंधरा राजे की राजस्थान में तूती बोला करती थी. एक दफा तो वसुंधरा के समर्थन में भाजपा के 50 से अधिक विधायकों ने आलाकमान को इस्तीफा दे दिया था. प्रदेश भाजपा के एक नेता ने तो ये भी कह दिया था- 'वसुंधरा इज बीजेपी एंड बीजेपी इज वसुंधरा' (वसुंधरा ही भाजपा हैं और भाजपा ही वसुंधरा है). ("Raje is BJP and BJP is Vasundhara Raje") हैरानी की बात ये है कि जिस नेता ने ये बात कही थी, आज वे भाजपा में राजे के धुर विरोधियों में गिने जाते हैं. आइये जानते हैं विस्तार से...
अब दोनों के बीच दूरियां
अब राजेंद्र राठौड़ और वसुंधरा राजे के बीच तनातनी की खबरें आती रहती हैं. एक बार मंच से वसुंधरा ने चुटकी लेते हुए कह दिया था 'आप (राजेंद्र राठौड़) जिसके साथ रहते हैं, उसका साथ छोड़ते नहीं ना?' इस पर राठौड़ गर्दन हिलाते हुए हंस दिए थे. पूरे हॉल में ठहाके गूंज उठे थे.
राजे के करीबियों में शामिल थे राठौड़
तब राजेंद्र राठौड़ वसुंधरा राजे के करीबियों की फेहरिस्त में शामिल हुआ करते थे. साल 2003 से 2008 तक वे राजे कैबिनेट का हिस्सा रहे. उन्हें PwD जैसा अहम विभाग दिया गया था. इसके बाद 2013 में भाजपा राजस्थान की सियासत में फिर लौटी. तब भी राठौड़ के पास हेल्थ और पंचायतीराज जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे.