पिंक सिटी में बारिश बनी आफत, JLN मार्ग-टोंक रोड पर भर गया समंदर

Jaipur News: राजस्थान की राजधानी में सुबह हुई तेज बारिश ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्थाओं की हकीकत एक बार फिर उजागर कर दी. जेके लोन अस्पताल के बाहर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं. सड़कों पर करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिससे अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

पिंक सिटी में बारिश बनी आफत, JLN मार्ग-टोंक रोड पर भर गया समंदर
Image Credit: jaipur rainSource: ज़ी न्यूज़ डेस्क

Jaipur News: राजधानी में सुबह हुई तेज बारिश ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्थाओं की हकीकत एक बार फिर उजागर कर दी. जेके लोन अस्पताल के बाहर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं. सड़कों पर करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिससे अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

बच्चों का इलाज करवाने आए परिजनों को गंदे पानी के बीच होकर अस्पताल तक पहुंचना पड़ा. पहले से ही बीमार बच्चों को गोद में उठाकर जलभराव से गुजरना पड़ा, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ गया. कई परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हम घर से नहा-धोकर निकलते हैं लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते गंदे पानी में डूब जाते हैं. छोटे बच्चों को लेकर इतनी परेशानी होती है, ऊपर से गंदगी और बदबू अलग.

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अस्पताल की ओपीडी में आने वाले बच्चों और महिलाओं को भी जलभराव के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. बारिश के चलते ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमराई. जयपुर पुलिस कर्मी पानी में खड़े होकर ट्रैफिक संभालते नजर आए लेकिन न तो नगर निगम का कोई कर्मचारी दिखा और न ही JDA का कोई अधिकारी जल निकासी के लिए सक्रिय नजर आया.

स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने सरकार, नगर निगम और JDA पर लापरवाही के आरोप लगाए. उनका कहना था कि मानसून से पहले फाइलों में नाले-सीवर साफ दिखाए जाते हैं लेकिन असलियत बारिश के बाद सामने आती है, जब पूरा शहर पानी-पानी हो जाता है और प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है.

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राजस्थान मेडिकल कॉलेजों में बड़ा बदलाव, पीजी स्टूडेंट्स के लिए बॉन्ड राशि बढ़ी 6 गुना
Jaipuir News: राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीजी छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव किया गया है. नए नियमों के तहत अब उन्हें एडमिशन के समय 25 लाख रुपये से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक का बॉन्ड भरना अनिवार्य होगा. चिकित्सा शिक्षा विभाग के मुताबिक, यह नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्रदेश के सभी सरकारी और राजमेस के अंतर्गत संचालित मेडिकल कॉलेजों में लागू की जाएगी.

इस नए बॉन्ड सिस्टम के तहत, पीजी छात्रों को अपना कोर्स पूरा करने के बाद अनिवार्य रूप से दो साल तक प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सेवा देनी होगी. अगर कोई छात्र इस शर्त को पूरा नहीं करता है, तो उसे बॉन्ड में तय की गई भारी राशि का भुगतान करना होगा. यह पहली बार है जब अलग-अलग विशेषज्ञताओं के लिए बॉन्ड की राशि अलग-अलग तय की गई है. इस फैसले से पहले, बॉन्ड की अधिकतम राशि 25 लाख रुपए थी, जिसे बाद में घटाकर 10 लाख रुपए कर दिया गया था.

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Sandhya Yadav

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संध्या यादव एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 8 वर्षों का एक्सपीरिएंस है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और राजस्थान डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. संध्या की मुख्य Expertise राजस्थान की क्षेत्रीय राजनीति, क्राइम, प्रशासनिक फैसलों और हाइपरलोकल खबरों की सटीक एवं इन-डेप्थ कवरेज में है. लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है. आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे एक्स (https://x.com/Journosandhya) और लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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