300 तहसीलों का रिकॉर्ड हुआ ऑनलाइन, 39 तहसीलें रहीं शेष

किसानों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने, केसीसी बनाने, मुआवजे के अलावा अन्य कामों के लिए बार बार जमाबंदी, गिरदावरी, नकल व नक्शा लेने के लिए पटवारी के पास जाना पड़ता है. 

300 तहसीलों का रिकॉर्ड हुआ ऑनलाइन, 39 तहसीलें रहीं शेष
राजस्व मंत्री हरीश चौधरी

Jaipur : डिजिटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण के तहत आम लोगों के तहत राजस्व रिकॉर्ड (Revenue Record) को ऑनलाइन करने का काम किया जा रहा है. प्रदेश (Rajasthan News) में अब तक 300 तहसीलें पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है. इसके लिए राजस्व मंत्री हरीश चौधरी (Harish Chaudhary) ने इसके लिए सभी जिला कलक्टरों और एनआईसी की टीमों को बधाई दी है. इससे अब आम लोगों को आसानी से जमाबंदी, नकल मिल सकेगी. 

प्रदेश में 339 तहसीलें
300 तहसीलों का रिकॉर्ड ऑनलाइन
16 जिलों की सभी 167 तहसीलों का रिकॉर्ड ऑनलाइन
17 जिलों की 39 तहसीलों में रिकॉर्ड अभी नहीं हुआ ऑनलाइन

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ऑनलाइन होने से ये होंगे फायदे
किसानों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने, केसीसी बनाने, मुआवजे के अलावा अन्य कामों के लिए बार बार जमाबंदी, गिरदावरी, नकल व नक्शा लेने के लिए पटवारी के पास जाना पड़ता है. अब ऑनलाइन ही जमाबंदी, नकल निकलवा सकेंगे. भूमि ऑनलाइन होने से पटवारी के काम में गति आएगी. ऑनलाइन से फर्जीवाड़े पर लगाम लग जाएगी. किसान जमीन को खरीदे या बेचे रजिस्ट्री के साथ ही ऑनलाइन नामांकन हो जाएगा. 

राजस्व विभाग प्रमुख शासन सचिव आनंद कुमार  ने बची हुई तहसीलों को भी आगामी दो तीन महीनों में ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं. जिससे काश्तकारों एवं आम जनता को उनकी कृषि भूमि से संबंधित रिकॉर्ड ई-मित्र केन्द्रों अथवा अन्यत्र कहीं से भी प्राप्त करने की सुविधा मिल सके. इसके साथ ही उन्होंने तहसीलदारों को ये भी निर्देश दिया कि जो तहसीलें ऑनलाइन हो चुकी है, लेकिन मूल तहसील में से ही नई तहसील बनायी गई है तो उनके लैंड रिकॉर्ड को अलग अलग कराकर ऑनलाइन करें.