PCPNDT को लेकर समीक्षा बैठक, बढ़ाई गई 'मुखबिर योजना' के तहत प्रोत्साहन राशि

समाज में बेटियों को बचाने के जागरुक करने एवं सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थान में मुखबिर योजना के अन्तर्गत 1 अप्रैल से प्रोत्साहन राशि ढ़ाई लाख रूपये से बढ़ाकर तीन लाख रूपये कर दी गयी है. 

PCPNDT को लेकर समीक्षा बैठक, बढ़ाई गई 'मुखबिर योजना' के तहत प्रोत्साहन राशि
फाइल फोटो

Jaipur : समाज में बेटियों को बचाने के जागरुक करने एवं सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थान में मुखबिर योजना के अन्तर्गत 1 अप्रैल से प्रोत्साहन राशि ढ़ाई लाख रूपये से बढ़ाकर तीन लाख रूपये कर दी गयी है. PCPNDT की प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आने वाले दिनों में प्रदेश के चयनित 332 सामुदायिक केंद्रों पर सोनोग्राफी केंद्र भी बनाए जाएंगे. स्वास्थ्य भवन में हैल्थ मिनिस्टर डॉ रघु शर्मा (Dr Raghu Sharma) की अध्यक्षता में PCPNDT की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि प्रदेश में भ्रूण लिंग परीक्षण को रोकने एवं बेटियों को बचाने के लिये पीसीपीएनडीटी एक्ट की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जा रही है. राजस्थान (Rajasthan News) में पूर्व में मुखबिर योजना के तहत भ्रूण लिंग परीक्षण संबंधी प्राप्त सूचना पर तीन किश्तों में ढ़ाई लाख रुपये तक की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जाती थी, लेकिन अब इसे और व्यावहारिक बनाते हुए सफल डिकाय ऑपरेशन पर मुखबिर, डिकॉय गर्भवती महिला एवं सहयोगी को दो किस्तों में कुल तीन लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जायेगा.

वहीं, स्वास्थ्य सोनोलोजिस्ट की परीक्षा और प्रशिक्षण भी निरंतर करवाया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए है कि सोनोग्राफी मशीनों को ख़रीदते समय बाय बैक पद्दति अपनाई जाए ताकि नई तकनीक आने के बाद पुरानी मशीनों को वापस कर नई मशीनें ली जा सके. वर्तमान में प्रदेश में 265 राजकीय सोनोग्राफी केन्द्र एवं 3 हजार 483 निजी सहित कुल 3 हजार 748 रजिस्टर्ड सोनोग्राफी केन्द्र हैं.प्रदेश में पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत इस वर्ष अब तक लगभग 1220 केन्द्रों का निरीक्षण किया जा चुका है. 

वर्ष 2021 में अब तक तीन डिकॉय ऑपरेशन कर दो सोनोग्राफी सेंटर को सीज किया गया है और 7 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. अब तक कुल 158 डिकॉय ऑपरेशन कर 170 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बैठक में नागौर के जायल से विधायक मंजू देवी, अलवर के बानसूर से विधायक शकुंतला रावत, मिशन निदेशक एनएचएम सुधीर शर्मा, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉक्टर के के शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉक्टर एलएस ओला व अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री ने राजस्थान में संभावित तीसरी लहर (Coronavirus) को लेकर बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्थान में अगर लापरवाही की गई तो तीसरी लहर के लिए हम खुद जिम्मेदार होंगे यानि तीसरी वेव अगर आयी तो अपनी लापरवाही से हम ही उसे आमंत्रित करेंगे. स्वास्थ्य मंत्री ने राजस्थान में कोरोना के वर्तमान हालातों को लेकर कहा है कि राज्य में केसेज कम जरुर हुए हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि लोग असावधानी बरतें.

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