&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Rajasthan News: राजस्थान में सरकारी स्वास्थ्य योजना आरजीएचएस यानी राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. खुद की जगह रिश्तेदारों का इलाज, फर्जी पर्चियां, दवाओं की जगह घरेलू सामान की खरीद और बिना जांच के इलाज जैसे संगीन आरोपों में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है.
स्वास्थ्य विभाग ने 3 दवा स्टोर और एक अस्पताल के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है. वहीं, 2 डॉक्टरों सहित 12 सरकारी कर्मचारियों को निलंबित किया गया है. इसके अलावा 5 विभागों के 473 कार्मिकों और 10 डॉक्टरों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है.
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के अनुसार, पिछले कुछ समय से आरजीएचएस में फर्जीवाड़े की लगातार शिकायतें मिल रही थी. जांच और ऑडिट के बाद यह सामने आया कि कैसे सिस्टम का दुरुपयोग हो रहा है.
कुछ कार्मिकों ने पत्नी, किराएदार, भाई-बहन और यहां तक कि बच्चे के दोस्तों के नाम पर इलाज करवाया. कई डॉक्टर फर्जी प्रिसक्रिप्शन बनाकर अनावश्यक दवाएं लिखते पाए गए.
हरजी लाल अटल, CEO, राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, फार्मेसी स्टोर से दवाओं की जगह दूसरा सामान लेना, बिना जरूरत पंचकर्म इलाज कराना और मेडिकल स्टोर से मिलीभगत कर फर्जी बिलिंग, सब सामने आ चुका है.
चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देश पर ये बड़ी कार्रवाई की गई. उन्होंने योजना में पारदर्शिता और सख्ती के निर्देश दिए हैं. अब सरकार एक एंटी फ्रॉड यूनिट बना रही है, जिसमें आईटी, ऑडिट और मेडिकल एक्सपर्ट होंगे. साथ ही ई-प्रीस्क्रिप्शन, ई-बिलिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसे तकनीकी उपाय लागू किए जा रहे हैं.
हर जिले में शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनेगा और राज्य स्तर पर ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम भी शुरू होगा, जिससे कोई भी लाभार्थी अपनी शिकायत की स्थिति जान सकेगा. राजस्थान सरकार की ये कार्रवाई यह संकेत देती है कि अब आरजीएचएस में फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा. सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ योजना को दुरुस्त करने की कोशिश में जुटी है.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Jaipur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!