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Jaipur News : वर्ष 2016 के बाद एक बार फिर राजस्थान में ग्रामीण परिवहन बस सेवा की बसें संचालित होंगी. हालांकि पिछले कुछ सालों में इस सेवा को फिर से शुरू करने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन निजी बस सेवा संचालकों के रुझान नहीं दिखाने और फंडिंग की दिक्कतों के चलते बस सेवा शुरू नहीं हो सकी. लेकिन अब राजस्थान रोडवेज प्रशासन ने ग्रामीण बस सेवा को लेकिन तैयारी पूरी कर ली है.
दरअसल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2024-25 में परिवर्तित बजट घोषणा में ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा मजबूत करने के लिए यह घोषणा की थी इसकी पालना में रोडवेज प्रशासन ने कुछ निजी बस संचालकों के साथ अनुबंध किया है. पहले फेज में 25 बसों के साथ संचालन शुरू किया जाएगा.
ये बसें 'आपणी बस-राजस्थान रोडवेज' नाम से शुरुआत में आधा दर्जन जिलों में संचालित होंगी. रोडवेज प्रशासन ने इन बसों के संचालन के लिए रिवेन्यू शेयरिंग मॉडल तैयार किया है. खास बात यह है कि बसें निजी बस संचालकों की होंगी, बस में डीजल से लेकर चालक-परिचालक भी निजी कम्पनियों के होंगे. हालांकि रोडवेज प्रशासन इन बसों पर अपना पूर्ण नियंत्रण रखेगा. इसी वजह से इन बसों को रोडवेज बस अड्डों के अंदर से संचालित करने की अनुमति दी जाएगी.
बसें निजी, लेकिन ठप्पा रोडवेज का !
- ग्रामीण बस सेवा के तहत 362 रूटों पर बसें संचालित करना प्रस्तावित
- ये बसें ग्राम पंचायतों को ब्लॉक और जिला मुख्यालयों से जोड़ेंगी
- बस निजी बस संचालक की होगी, नियंत्रण रोडवेज का रहेगा
- बस में चालक-परिचालक निजी बस संचालक कम्पनी के ही होंगे
- बसें रोडवेज बस स्टैंड के अंदर से चलेंगी, यात्री बैठ सकेंगे
- बसों में महिलाओं, बुजुर्गों को रोडवेज की तरह किराए में छूट मिलेगी
- दी गई रियायत की राशि का रोडवेज प्रशासन निजी बस संचालक को भुगतान करेगा
- बस संचालन के पेटे निजी बस संचालक रोडवेज को पैसा देगा
- 5 से लेकर 7 रुपए प्रति किमी की दर से बस संचालक रोडवेज को भुगतान करेगा
- बसों का किराया 1.50 रुपए प्रति किमी की दर से लिया जाएगा
- बसें 22 सीटर से लेकर 45 सीटर तक सेमी डीलक्स श्रेणी की होंगी
- बसों में जीपीएस, व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम, पैनिक बटन लगे होंगे
- इससे रोडवेज मुख्यालय से ही बसों की मॉनिटरिंग की जा सकेगी
निजी बस संचालक रोडवेज को बसें देने के लिए इस वजह से तैयार हो गए हैं, क्योंकि इन बसों को रोडवेज बस अड्डों के अंदर से संचालन की अनुमति मिलेगी. जिन रूटों पर ये बसें चलाई जाएंगी, उन रूटों पर इनका एकाधिकार रहेगा. इसे लेकर रोडवेज प्रशासन ने परिवहन विभाग को पत्र लिखा है.
पत्र में सम्बंधित आरटीओ और डीटीओ को यह निर्देश देने के लिए कहा है कि इन निर्धारित रूटों पर किसी अन्य निजी बस संचालकों को परमिट नहीं दिए जाएं. खास बात यह है कि रोडवेज के उड़नदस्ते भी इन बसों की किसी भी जगह चैकिंग कर सकेंगे.
रोडवेज उड़नदस्ते बसों में यात्रियों को रियायतें दी जा रही हैं या नहीं, सभी यात्रियों को टिकट काटे जा रहे हैं या नहीं, इसकी जांच कर सकेंगे. औसतन प्रत्येक रूट परमिट 250 किलोमीटर दूरी का होगा. रूट पर एकाधिकार रहने से ग्रामीण बस सेवा की बसों में बस संचालकों को अच्छा यात्रीभार मिलेगा और यह रूट उनके लिए मुनाफे का सौदा साबित होंगे. वहीं रोडवेज प्रशासन को उम्मीद है कि कुल 362 रूटों के जरिए करीब 2100 ग्राम पंचायतों को कवर किया जा सकेगा.
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