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Sachin Pilot : तो चलिए बता हैं क्या कहती है सचिन पायलट की कुंडली ? सचिन पायलट का जन्म सितंबर 1977 को सिंह लग्न में सहारनपुर शहर में हुआ था. लग्नेश लग्न में है तथा लग्न में ही बुध आदित्य योग बन रहा है. सिंह लग्न के लोग साहसी एवं भाव दोनों विरोधाभासी स्वभाव के होते हैं. रहू वाणी स्थान पर होने से स्पष्ट भाषी एवं कटुवासी स्वभाव बनता है जिससे कई बार अपनों से दूर भी हो जाते हैं.
कुंडली में शनि की महादशा का क्या है प्रभाव ?
ज्योतिषाचार्य प्रोफेसर विनोद शास्त्री के अनुसार गुरु में शनि का अंतर 23 24 वर्ष की आयु में आया था जो पिता पक्ष में मारक था. इसीलिए सन 2000 में इन्हें अकस्मात पितृ वियोग देखना पड़ा. वर्तमान में सचिन पायलट को शनि की महादशा में राहु का अंतर चल रहा है. यह अंतर 28 जून 2025 से 4 मई 2028 तक रहेगा. सनी द्वादश भाव में शुक्र के साथ है तो राहु कन्या राशि में द्वितीय स्थान पर है. दिसंबर 2025 तक इन्हें शनि में राहु में राहु का ही प्रत्यंतर है अतः यह समय विरोधाभासी स्थितियों को पैदा करता है.
कुंडली में प्रबल राजयोग पायलट को क्या देकर जाएगा ?
ज्योतिषाचार्य प्रोफेसर विनोद शास्त्री ने बताया कि 1 दिसंबर 2025 से गुरु एवं शनि का प्रत्यंतर 1 अक्टूबर 2026 तक रहेगा, यह राष्ट्रीय राजनीति में विशेष योगदान और वर्चस्व की स्थितियां बनाता है. गुरु मंगल का एक साथ बैठना तथा मंगल का केंद्रीय एवं त्रिकोणासन होना, प्रबल राजयोग बनता है. दिसंबर के बाद राष्ट्रीय एवं प्रांतीय स्तर पर वर्चस्व बढ़ने की संभावना बनता है.
सचिन पायलट की लोकप्रियता में कौन सा राजयोग है कारक ?
ज्योतिषाचार्य प्रोफेसर विनोद शास्त्री ने सचिन पायलट की कुंडली में पाया कि- ग्रहों मैं कुछ ग्रह कारक है तो कुछ ग्रह बाधक है और इसीलिए वह आया ग्रास कई बार निकल जाता है. शत्रु स्थान का स्वामी और मित्र स्थान का स्वामी एक साथ बैठे हुए हैं. जिससे मित्र ही शत्रुता की भूमिका निभा देता है.वैसे सचिन पायलट का जीवन अर्ध राजयोग के साथ चल रहा है. राजलक्ष्मी योग होने के कारण लोकप्रियता में वृद्धि करवाता है लेकिन कालसर्प योग से प्रभावित कुंडली होने के कारण संघर्ष अधिक और शुभ परिणाम कम दिलाता है. हालांकि बुध आदित्य योग होने से चिंतनशील तथा तार्किक क्षमता बढ़ाता है. कुछ ग्रह इस तरह के बैठे हुए हैं जिसके कारण श्री पायलट को सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं सी फीलिंग दे सकता है. लोग तो सोचेंगे कि पायलट साहब खूब आनंद में है पर वास्तविकता यह भी हो सकती है कि हर पल आनंद ढूंढ रहे हो.
क्या साल 2026 बदलाव का दे रहा संकेत ?
ज्योतिषाचार्य प्रोफेसर विनोद शास्त्री के अनुसार- सूर्य, राजनीतिक जीवन में अत्यधिक महत्वाकांक्षा बनता है, लेकिन द्वितीय एवं द्वादश भाव के ग्रह इनकी गति को रोकते हैं. अतः बहुत प्रयास करने होगें. हालांकि शांत बैठे रहने पर अवश्य भाग्योदय की संभावनाएं बनेगी. वैसे राजनीतिक जीवन में हाथ पैर हाथ रखकर नहीं बैठ जा सकता और पायलट साहब के ग्रह भी ऐसे हैं कि यह शांत कम ही बैठ पाएंगे , लेकिन 2026 पायलट साहब को राजनीतिक दृष्टि से गत वर्ष के मुकाबले वर्चस्व देने वाला वर्ष रहेगा.
प्रोफेसर विनोद शास्त्री
महासचिव
राजस्थान ज्योतिष परिषद एवं शोध संस्थान
जयपुर
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