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Rajasthan Politics: बिहार के दरभंगा में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर की गई अमर्यादित टिप्पणी ने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी है. इस घटना ने दोनों प्रमुख दलों, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस, के बीच तीखी राजनीतिक जंग छेड़ दी है.
बीजेपी ने इस मुद्दे को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए इसे पार्टी की संस्कृति करार दिया है. वहीं, कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की है, जिससे पार्टी के भीतर भी इस घटना को लेकर असहज स्थिति पैदा हो गई है. राजस्थान में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस तरह की भाषा के इस्तेमाल को पूरी तरह गलत बताते हुए इसे सिरे से खारिज किया है.
सचिन पायलट ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैं इसकी निंदा और भर्त्सना करता हूँ. कांग्रेस पार्टी का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं था, हमारी यात्रा आगे निकल चुकी थी." उन्होंने जोर देकर कहा कि सभ्य और सौम्य राजनीति में इस तरह के शब्दों का कोई स्थान नहीं है. पायलट ने आगे जोड़ा, "हमारी पार्टी महात्मा गांधी की पार्टी है, और हमने आज तक ऐसी किसी बात का न तो समर्थन किया है और न ही आगे करेंगे.
" उनके इस बयान से साफ है कि कांग्रेस इस विवाद से दूरी बनाना चाहती है, लेकिन बीजेपी इसे विपक्ष पर हमले का मौका बना रही है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने इस घटना को कांग्रेस की "नीच सोच" का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह पार्टी की असली मानसिकता को उजागर करता है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बिहार के दरभंगा में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस की एक रैली आयोजित की गई थी, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी और तेजस्वी यादव कर रहे थे. उनका काफिला बुधवार को दरभंगा पहुंचा था, जहां समिरी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के टिकट दावेदार मोहम्मद नौशाद ने स्वागत मंच का आयोजन किया था.
इसी मंच से एक कांग्रेस कार्यकर्ता का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह पीएम नरेंद्र मोदी को उनकी मां के लिए अपशब्द बोलता नजर आया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिसके बाद सियासी बवाल शुरू हो गया. बीजेपी ने इसे कांग्रेस की साजिश करार देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर इसकी निंदा की मांग की है.
इस घटना ने राजस्थान में भी राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है, जहां बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इसे जनता के प्रति अपमान बताया. दूसरी ओर, कांग्रेस ने सफाई देते हुए कहा कि यह एक व्यक्ति की गलती थी, और पार्टी इसे समर्थन नहीं करती. सचिन पायलट ने इस संदर्भ में जोर देकर कहा कि इस तरह की भाषा का प्रयोग निंदनीय है और इसे किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता.
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी ऐसी घटनाओं से बचने की अपील की. इस बीच, बीजेपी ने इस मुद्दे को विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा हथियार बनाया है और कांग्रेस को घेरने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू करने की तैयारी में है.विपक्षी दलों के बीच यह टकराव तब और गहरा गया, जब कुछ अन्य राज्यों के नेताओं ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी.
कांग्रेस के कुछ सहयोगी दलों ने भी इस टिप्पणी को अनुचित बताया, लेकिन बीजेपी इसे पूरे विपक्ष पर साधने की कोशिश कर रही है. राजस्थान में इस मुद्दे ने सियासी माहौल को गरमा दिया है, और आने वाले दिनों में इस पर और बहस होने की संभावना है. आम जनता भी इस घटना को लेकर अपनी राय बना रही है, और सोशल मीडिया पर इस पर बहस जारी है. इस पूरे प्रकरण से एक बात साफ है कि राजनीति में गरिमा बनाए रखने की चुनौती अब और बढ़ गई है.