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Aravalli mining Case: अरावली माइनिंग मुद्दे पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि अरावली रेंज को गंभीर खतरा है, क्योंकि सरकार ने कोर्ट में जो डॉक्यूमेंट्स कोर्ट में जमा किए हैं और जो परिभाषा दी है, उसके अनुसार ज्यादातर पहाड़ 100 मीटर से कम ऊंचे हैं.
साथ ही सचिन पायलट ने आगे कहा कि जहां तक बैन की बात है, तो एक बैन पहले से ही लगा हुआ था, लेकिन आज सरकार लोगों का भरोसा खो रही है. यह पहाड़ की श्रृंखला पुराने समय से हमारी रक्षा कवच रही है और आज इसके अस्तित्व पर ही खतरा है. इसीलिए आज लोग सड़कों पर उतरे हैं.
तमाम युवा आने वाली पीढ़ी के लिए चिंतित हैं और 100 मीटर की परिभाषा देकर सरकार ने ये स्पष्ट कर दिया कि 90 प्रतिशत जो पहाड़ हैं, वो 100 मीटर से कम रहेंगे. वो सुरक्षित माने जाएंगे और वहां पर खनन होगा. सरकार कहती है कि हमने खनन पर बैन लगाया है, लेकिन जो अवैध खनन है उसकी जिम्मेदारी कौन ले रहा है. ये अरावली पर्वत गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली चार राज्यों में है.
चारों राज्यों में भाजपा की सरकार है. अब उनको ये कदम उठाना पड़ेगा कि कोर्ट में जाएं और कोर्ट से निवेदन करें कि दोबारा पुन: विचार किया जाए. क्योंकि हमारा बारिश का पानी, हमारा भू-जल का स्तर, हमारा पर्यावरण, हमारे जंगल, हमारे जानवर-पक्षी सब अगर असुरक्षित हो जाएगी तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी.
मंदिर-मस्जिद बाद में है, वहां करोड़ों लोग रहते हैं, जो रेगिस्तान का सैलाब है राजस्थान में वो अगर अरावली नहीं होती तो दिल्ली तक आ जाता और प्रदूषण में और भी बदतर स्थिति हो जाएगी. सरकार को तुरंत प्रभाव से कदम उठाना चाहिए और अवैध खनन पर रोक लगनी चाहिए.
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Source- ANI