&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Aravalli Hills News : ANI को दिए एक इंटरव्यू में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अरावली पहाड़ियों के इलाकों में माइनिंग लीज़ के बारे में बात करते हुए कहा, "नई माइनिंग के लिए सुप्रीम कोर्ट का प्लान है कि पहले एक साइंटिफिक प्लान बनेगा, इसमें ICFRE शामिल होगा. और उसके बाद ही इस पर विचार किया जाएगा
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि मैं बहुत साफ कह रहा हूं कि 0.19 प्रतिशत से ज़्यादा इलाके में यह संभव नहीं होगा. माइनिंग पहले से चल रही थी. उसी आधार पर परमिशन दी जा रही थी प्रतिबंधित और मना किए गए इलाकों को साफ तौर पर परिभाषित करके आप सख्त पालन सुनिश्चित कर सकते हैं. अरावली के संरक्षण की आवश्यकता है.
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने ये भी कहा कि अरावली रेंज सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है. हमने ग्रीन अरावली वॉल आंदोलन भी शुरू किया. हम ये सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि ये पर्वत श्रृंखला हरी भरी हैं.
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया की अरावली रेंज में खनन गतिविधियां सिर्फ 0.19 प्रतिषत क्षेत्र में ही संभव होगी जो एक प्रतिशत से भी कम है.
अरावली रेंज में मुख्य समस्या अवैध खनन है, अवैध खनन को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने ये परिभाषा दी है और इस पर अभी भी समीक्षा लंबित है.
भूपेंद्र यादव ने उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया जिसमे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अरावली पहाड़ियों के बड़े हिस्सों में माइनिंग को बढ़ावा देने की बात कही गयी है. केंद्रीय मंत्री ने बताया की सुप्रीम कोर्ट का फैसला अरावली के 90 फीसदी से ज्यादा हिस्से की रक्षा करेगा.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक केंद्र सरकार ने क्षेत्र में नई माइनिंग लीज पर रोक लगा दी है. ये रोक कोर्ट के बनाए फ्रेमवर्क का ही हिस्सा है ताकि पहाड़ी सिस्टम को ज्यादा सुरक्षा दी जा सके और ये सुनिश्चित किया जा सके की जब तक एक पूरा मैनेजमेंट प्लान फाइनल नहीं होता कोई नई माइनिंग लीज ना दी जाए.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Jaipur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार.जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!