1200 किलो मीट जब्ती ने खोली पोल, क्या राजस्थान से चल रहा है अवैध मीट कारोबार?

Jaipur News: जयपुर रेलवे स्टेशन पर सीकर से लाई गई करीब 1200 किलो मीट की खेप को लेकर हंगामा हुआ. निगम की टीम ने दस्तावेज़ न होने पर इसे अवैध बताया, जबकि सप्लायर ने कहा कि यह बकरे का मीट है और वैध सप्लाई के लिए भेजा जा रहा था. सप्लायर ने निगम अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के आरोप भी लगाए. इस विवाद ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह सचमुच अवैध मीट सप्लाई है या फिर वसूली का खेल.
 

1200 किलो मीट जब्ती ने खोली पोल, क्या राजस्थान से चल रहा है अवैध मीट कारोबार?
Image Credit: jaipur news

Jaipur News: राजधानी जयपुर के रेलवे स्टेशन पर सोमवार को सीकर से लाए गए? करीब 1200 किलो मीट को लेकर हंगामा खड़ा हो गया. बताया जा रहा है कि यह मीट बेंगलुरु भेजा जा रहा था. इस दौरान नगर निगम हेरिटेज और ग्रेटर दोनों की पशु प्रबंधन टीम मौके पर पहुंची और मीट को अवैध बताते हुए कार्रवाई शुरू कर दी.

निगम अधिकारियों का कहना है कि मीट सप्लाई करने वाले एजेंट के पास कोई भी वैध दस्तावेज, स्लॉटर हाउस की रसीद या प्रमाण पत्र मौजूद नहीं थे. रेलवे पार्सल विभाग ने भी मीट के कार्टन बिल्टी के साथ रिलीज करने की बात कही. निगम की टीम ने कहा कि जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह मीट गौवंश का है या बकरे का.

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एजेंट ने साफ किया कि यह बकरे का मीट
वहीं मीट सप्लायर एजेंट ने साफ किया कि यह बकरे का मीट है और पूरी तरह वैध तरीके से बेंगलुरु और हैदराबाद सप्लाई किया जा रहा है. उसने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निगम पशु प्रबंधन के अधिकारी हर खेप पर लाखों रुपये की रिश्वत मांगते हैं और पैसे नहीं देने पर मीट को नष्ट करने की धमकी देते हैं. यह पूरा मामला कई सवाल खड़े करता है. अगर मीट सप्लाई कानूनी है तो दस्तावेज क्यों नहीं दिखाए गए? यदि वास्तव में अवैध मीट सप्लाई हो रही है? तो यह राजस्थान से बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों तक कैसे लगातार पहुंच रहा है?

मीट सप्लाई की पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान
नगर निगम प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि आरोप है कि मीट सप्लायर्स से मासिक वसूली होती है और पैसे बंद करने पर कार्रवाई की जाती है. इस विवाद ने राजस्थान से अन्य राज्यों तक हो रही मीट सप्लाई की पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. क्या वास्तव में अवैध मीट का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है? और प्रशासन इस पर आंख मूंदे बैठा है, या फिर यह मामला सिर्फ वसूली और दबाव बनाने का है?

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Sandhya Yadav

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संध्या यादव एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 8 वर्षों का एक्सपीरिएंस है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. संध्या की मुख्य Expertise राजस्थान की क्षेत्रीय राजनीति, क्राइम, प्रशासनिक फैसलों और हाइपरलोकल खबरों की सटीक एवं इन-डेप्थ कवरेज में है. लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है. आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे एक्स (https://x.com/Journosandhya) और लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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