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Rajasthan News: राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SMS हॉस्पिटल में अब खून की बीमारियों का टारगेटेड इलाज होगा. यहां क्लिनिकल हेमेटोलॉजी नाम से एक नया विभाग शुरू किया गया है, जिसके तहत 20 बेड की यूनिट भी बनाई गई है. अभी तक खून की बीमारियों का इलाज जनरल मेडिसिन डिपार्टमेंट के तहत होता था, लेकिन अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में मरीजों का इलाज होगा.
HOD विष्णु शर्मा ने बताया कि हमने क्लिनिकल हेमेटोलॉजी विभाग के अंतर्गत 20 बेड की यूनिट शुरू की है. हर बुधवार को OPD चल रही है और अब तक हर हफ्ते 30 से ज्यादा मरीज खून की बीमारियों को लेकर यहां पहुंच रहे हैं.
यह यूनिट SMS के आईडीएच सेंटर में संचालित हो रही है. यहां एनीमिया, थैलेसीमिया, ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर और अन्य बीमारियों का एडवांस ट्रीटमेंट शुरू किया गया है. खास बात ये है कि राजस्थान के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में यह अपनी तरह का पहला विभाग है. अब बात उस थैरेपी की, जो ब्लड कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी मानी जाती है CAR-T सैल थैरेपी. फिलहाल देश के चुनिंदा हॉस्पिटल में ही ये सुविधा है, लेकिन SMS हॉस्पिटल में भी इसे शुरू करने की तैयारी है.
डॉ. विष्णु शर्मा के मुताबिक, SMS हॉस्पिटल में मौजूदा संसाधनों से यह थैरेपी शुरू की जा सकती है. लेकिन इसकी लागत बेहद अधिक है. इसलिए विभाग चाहता है कि इसे सरकारी इंश्योरेंस स्कीम जैसे 'मां योजना' में शामिल कर मरीजों को मुफ्त या सब्सिडी में उपलब्ध करवाया जाए. हम सरकार को प्रस्ताव भेज रहे हैं कि CAR-T थैरेपी को मां योजना में शामिल किया जाए, जिससे गरीब मरीजों को इसका लाभ मिल सके. उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही जयपुर का एसएमएस हॉस्पिटल ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए देश के टॉप सेंटरों में गिना जाएगा और यही नहीं, खून की तमाम गंभीर बीमारियों का इलाज अब यहीं, बेहद किफायती और आधुनिक तरीके से हो सकेगा.
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