Rajasthan News: राजस्थान के जयपुर स्थित SMS अस्पताल में अधीक्षक की लापरवाही और Q मैनेजमेंट की गैरमौजूदगी अब मरीजों पर भारी पड़ रही है. मरीजों को घंटों लाइनों में इंतजार करना पड़ रहा है.
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Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के SMS अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए 2D इको जांच मुसीबत बन गई है. मरीजों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, चाहे वो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हों या ट्रॉली पर लिए गुल्कोज की बोतल हाथो में लिए खड़े परिजन हो. चिकित्सा विभाग भले ही Q मैनेजमेंट सिस्टम के दावे कर रहा हो, लेकिन प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है.
SMS अस्पताल में अधीक्षक की अनदेखी और सुपरविजन की कमी
कांवटिया और जयपुरिया अस्पताल में Q मैनेजमेंट सिस्टम पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सफलतापूर्वक लागू हो चुका है, लेकिन SMS अस्पताल में अधीक्षक की अनदेखी और सुपर विजन की कमी के चलते मरीजों को बुनियादी सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है. सवाल उठता है कि आखिर कब तक मरीज कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहेंगे?
Q मैनेजमेंट लागू होने से मरीजों को होगी सहूलियत
अगर 2D इको जांच केंद्र पर Q मैनेजमेंट लागू हो जाए और मरीजों को कॉल के ज़रिए समय बताया जाए, तो वे वार्ड में ही रहकर अपनी बारी का इंतजार कर सकते हैं. इससे न सिर्फ भीड़ कम होगी, बल्कि गंभीर मरीजों को राहत भी मिलेगी.
2D इको जांच केंद्र पर घंटों खड़े रहने को मजबूर पेसेंट्स
करौली की 66 वर्षीय फाबुली देवी सीने में दर्द की शिकायत के बाद 9 तारीख को भर्ती हुईं. डॉक्टरों ने 2D इको जांच लिखी, लेकिन उन्हें ट्रॉली पर करीब दो घंटे इंतजार करना पड़ा. वहीं, झुंझुनू निवासी 63 साल की शांति देवी ऑक्सीजन सपोर्ट पर थी, लेकिन जांच के लिए उन्हें करीब तीन घंटे कतार में खड़ा रहना पड़ा. इस दौरान उनका ऑक्सीजन खत्म हो गया और वह बिना ऑक्सीजन के लाइन में ट्रॉली पर रहीं.
रिपोर्टर- एवज पंचाल
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