अभी तक सिर्फ जयपुर में 25%आबादी को लगी पहली डोज, दूसरी डोज लगवाने वाले 10% से कम

कोरोना की तीसरी लहर से काफी हद तक बचाव के लिए वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) विकल्प है, लेकिन वैक्सीनेशन ने उस कदर रफ्तार नहीं पकड़ी है जैसे पकड़नी चाहिए थी. 

अभी तक सिर्फ जयपुर में 25%आबादी को लगी पहली डोज, दूसरी डोज लगवाने वाले 10% से कम
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Jaipur : कोरोना की तीसरी लहर से काफी हद तक बचाव के लिए वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) विकल्प है, लेकिन वैक्सीनेशन ने उस कदर रफ्तार नहीं पकड़ी है जैसे पकड़नी चाहिए थी. जयपुर (Jaipur News) में अभी 25 फीसदी आबादी को ही पहली डोज लगी है जबकि दूसरी डोज लगने वालों का आंकड़ा तो 10 फीसदी से भी कम है. जयपुर में 255 सेंटर्स पर एक से 15 जून के बीच 3 लाख 82 हजार डोज लगे हैं. यानी रोजाना औसतन 25 हजार डोज लगाई गई. 

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यही स्थिति आगामी 4 माह से ज्यादा दिन तक रहती है तब कहीं जयपुर की 100 फीसदी आबादी को पहली डोज लग सकेगी. मौजूदा स्थिति में जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग (Medical Department) का मानना है कि जयपुर में कुल आबादी में से 18 से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 51 लाख 88 हजार 859 है. आगामी 10 माह में 50 हजार और युवा 18+ के हो चुके होंगे यानी 18+ वालों की आबादी 52.40 लाख होगी. इनमें फ्रंटलाइर 18.43 लाख यानी 24.90% को पहली डोज लग चुकी है. जो टीकाकरण योग्य आबादी का 36 फीसदी है. 

यही रफ्तार रही तो भी शेष 33 लाख 97 हजार टीकाकरण योग्य आबादी को पहली वैक्सीन लगाने में ही 5 महीने और लग जाएंगे. शर्त यही है कि रोजाना औसतन 25 हजार डोज लगे. जिला कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा का कहना है कि सबसे अधिक आबादी वाले जयपुर जिले में पात्र लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन लगना जरूरी है. यहां प्रदेश के अन्य जिलों के साथ देश-विदेश के लोगों का आना-जाना लगा रहता है. अभियान चलाकर वैक्सीनेशन को बढ़ाएंगे. 

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