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Jaisalmer News: जैसलमेर के डांगरी गांव में हिरण शिकार को लेकर हुए विवाद के बाद एक युवक की हत्या से तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. कल रात्रि में गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी पक्ष की दुकानों को आग लगा दी, जिससे गांव में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए. घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, और पुलिस लगातार गश्त कर रही है.
पुलिस और प्रशासन के कई बड़े अधिकारी रात्रि से ही डांगरी गांव में मौजूद हैं, तथा फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. मृतक खेत सिंह के शव का अभी तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका है, और शव बाड़मेर अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है. पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों लाडू खान, आलम खान और खेते खान को हिरासत में ले लिया है, साथ ही उनकी एक कार को जब्त कर लिया गया है.
जैसलमेर से लगभग 70 किलोमीटर दूर फतेहगढ़ उपखंड के डांगरी गांव में बुधवार को एक किसान की हत्या के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया. इस घटना के बाद पूरे दिन बाजार बंद रहे, और शाम के समय कुछ लोगों ने बाजार में टायर ट्यूब के एक केबिन में आग लगा दी, जिससे तीन अन्य केबिन भी आग की चपेट में आ गए. स्थिति बिगड़ते देख जिला कलेक्टर प्रताप सिंह और एसपी अभिषेक शिवहरे मौके पर पहुंचे.
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गांव में सुरक्षा के लिए 400 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है और वर्तमान में हालात नियंत्रण में हैं, गांव में शांति बनी हुई है. वहीं, इस मामले पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित कई नेताओं ने नाराजगी जताई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात कही है.
डांगरी गांव में बुधवार को 50 वर्षीय खेत सिंह की मौत के बाद से गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया. इस बीच, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'X' पर पोस्ट कर इस घटना की निंदा की और लिखा कि लोकतांत्रिक समाज में ऐसी घटनाओं का कोई स्थान नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रशासन दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करेगा, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा.
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डांगरी गांव के पास एक खेत में सो रहे किसान खेतसिंह (50) पर मंगलवार रात को बदमाशों ने हमला कर दिया, जिसके कारण उनकी हत्या हो गई. गौरतलब है कि खेतसिंह ने हिरण का पीछा कर रहे लोगों को शिकार न करने की हिदायत दी थी, जिससे उन लोगों ने रंजिश रखते हुए रात में सोते समय उन पर हमला कर दिया और पीट-पीटकर मार डाला.
घटना के बाद खेतसिंह घायल अवस्था में बेसुध पड़े रहे, और पूरी रात खेत में ही पड़े रहे. सुबह पड़ोसियों ने उन्हें नहीं देखा तो उनके खेत पर गए, जहां वे चारपाई से नीचे गिरे हुए मिले. उन्हें तुरंत फतेहगढ़ सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बाड़मेर रेफर किया गया. हालांकि, इलाज के दौरान खेतसिंह ने दम तोड़ दिया.
खेतसिंह की मौत के बाद डांगरी गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके चलते हालात बिगड़ गए. आक्रोशित भीड़ ने तीन केबिनों को आग के हवाले कर दिया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे, और घटनास्थल पर छह थानेदारों सहित 400 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया. एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि कुछ लोगों ने दो-तीन केबिनों में आग लगा दी थी, लेकिन अतिरिक्त पुलिस बल भेजकर शांति व्यवस्था बहाल कर दी गई है. घटना के बाद बुधवार को पूरे गांव में शोक की लहर छा गई, और बाजार भी पूरे दिन बंद रहे. हालांकि, शव अभी तक गांव नहीं पहुंचा है और बाड़मेर मोर्चरी में रखा गया है.
परिजनों नेपोस्टमॉर्टम को लेकर अड़ंगा डाल दिया है, जिसके कारण कुछ लोग सांगड़ थाने के सामने विरोध की तैयारी में जुट गए हैं. पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर शांति बनाए रखने का प्रयास किया और डांगरी गांव को छावनी में तब्दील कर दिया, जिससे एक समय के लिए लोगों में भय का माहौल बन गया.
खेतसिंह मूल रूप से डांगरी से 3 किलोमीटर दूर सुमेलनगर गांव के निवासी थे, हालांकि उनका खेत डांगरी से मात्र आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित था. वे ज्यादातर समय अपने खेत पर ही रहते थे, और इन दिनों ग्वार की फसल के कारण भी खेत पर डेरा डाले हुए थे. खेतसिंह के परिवार में एक बेटी और तीन बेटे हैं, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ गया है.
दूसरी ओर, वन्य जीव प्रेमी सुमेर सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र में खेतसिंह जैसे कई जागरूक लोग शिकार पर अंकुश लगाने के प्रयास में हैं, लेकिन वन विभाग की चुप्पी शिकारियों के हौसले बुलंद कर रही है.
लोग शिकारियों की सूचना वन विभाग को देते हैं, पर जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पाती. इस बीच, जैसलमेर के डांगरी गांव में हिरण के शिकार को रोकने पर बदमाशों ने खेत में सो रहे खेतसिंह पर धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी. घायल अवस्था में वे पूरी रात खेत में पड़े रहे.सुबह आसपास के किसानों ने उन्हें देखा और फतेहगढ़ के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में उन्हें बाड़मेर रेफर किया गया. इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. यह घटना फतेहगढ़ उपखंड क्षेत्र के सांगड़ थाना इलाके में हुई.
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