Jaipur News: खाटू श्याम जी और सालासर धाम के भक्तों के लिए खुशखबरी, 172 किमी. लंबा रेलवे ट्रैक का मिला तोहफा

Rajasthan News: सीकर, खाटूश्यामजी और सालासर से जुड़ी रेलवे खबरों में एक राहत और उम्मीद की लहर है. भारतीय रेलवे अब न सिर्फ जयपुर और लोहारू रूट पर दोहरीकरण की योजना पर तेजी से काम कर रहा है.

Jaipur News: खाटू श्याम जी और सालासर धाम के भक्तों के लिए खुशखबरी, 172 किमी. लंबा रेलवे ट्रैक का मिला तोहफा
Image Credit: Jaipur Sikar Railway LineSource: ज़ी न्यूज़ डेस्क

Indian Railways: सीकर, खाटूश्यामजी और सालासर से जुड़ी रेलवे खबरों में एक राहत और उम्मीद की लहर है. भारतीय रेलवे अब न सिर्फ जयपुर और लोहारू रूट पर दोहरीकरण की योजना पर तेजी से काम कर रहा है, बल्कि पलसाना से खाटूश्यामजी और सीकर से सालासर तक नई रेलवे लाइन बिछाने का सर्वे भी चल रहा है.

दोहरीकरण से क्या बदलेगा?
सीकर-जयपुर और सीकर-लोहारू रूट पर अब यात्रियों को और तेज, बेहतर और अधिक ट्रेनों की सुविधा मिल सकती है. रेलवे इस पूरे 172 किलोमीटर लंबे सफर पर डबल ट्रैक बिछाने की योजना बना रहा है. अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो आने वाले 2-3 वर्षों में इस रूट पर डबल लाइन से ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी. इससे ट्रेनों की संख्या भी बढ़ेगी, रफ्तार भी तेज होगी और यात्रियों की सुविधा में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.

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फिलहाल क्या चल रहा है?
अभी इस दोहरीकरण परियोजना का लोकेशन सर्वे चल रहा है, जिसमें यह देखा जा रहा है कि नया ट्रैक कहां-कहां बिछाया जा सकता है. इसके बाद होगा आर्थिक सर्वे, फिर बनेगी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और बजट मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा. नई लाइन पर ट्रायल ट्रेन दौड़ाई जाएगी, उसकी स्पीड तय की जाएगी और आखिर में CSR से मंजूरी मिलते ही यात्रियों के लिए सेवा शुरू हो जाएगी.

सालासर और खाटूश्यामजी को भी रेल से जोड़ने की तैयारी
सीकर के साथ-साथ धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए भी रेलवे तैयारी में जुटा है. पलसाना-खाटूश्यामजी और सीकर-सालासर रेल लाइन के लिए सर्वे चल रहा है. इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर कुल 1.12 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. अगर सब कुछ मंजूर हो गया, तो शेखावाटी के तीन बड़े धार्मिक स्थल — खाटूश्यामजी, सालासर और जीणमाता एक ही रेल रूट से जुड़ जाएंगे. जिससे राजस्थान के साथ-साथ हरियाणा, दिल्ली और यूपी से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा बेहद आसान हो जाएगी.

शिक्षा नगरी को भी मिलेगा फायदा
रेलवे के दोहरीकरण से सीकर की शैक्षणिक छवि को भी बल मिलेगा. देशभर से छात्रों के लिए सीकर तक पहुंचना आसान होगा, जिससे यहां कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की मांग और नाम दोनों बढ़ सकते हैं. साथ ही शहर की अर्थव्यवस्था को भी सीधा फायदा मिलेगा.

खाटूश्यामजी के भक्तों को विशेष राहत
रेल लाइन के विस्तार और दोहरीकरण का सबसे बड़ा लाभ खाटूश्यामजी जाने वाले श्रद्धालुओं को होगा. ट्रेनों की संख्या बढ़ने से सीटें मिलना आसान होगा, लंबी दूरी की सीधी ट्रेनें चल सकेंगी और यात्रा का समय भी कम होगा. इसके अलावा रींगस से खाटू और पलसाना से खाटू रूट पर भी काम हो रहा है, जिससे जुड़ाव और मजबूत होगा.

तेज रफ्तार और समय की बचत
दोहरीकरण से ट्रेनों की संख्या ही नहीं, बल्कि उनकी गति भी बढ़ेगी. वर्तमान में जब दो ट्रेनें आमने-सामने आती हैं, तो एक को स्टेशन पर रोककर क्रॉसिंग दी जाती है, जिससे 10 से 20 मिनट तक का समय बर्बाद होता है. दो ट्रैक होने से यह समस्या खत्म हो जाएगी.

व्यापारियों के लिए खुशखबरी
न केवल यात्री, बल्कि व्यापार और माल परिवहन से जुड़े लोग भी इस बदलाव का फायदा उठाएंगे. मालगाड़ियां अब समय पर पहुंचेगीं, ईंधन की बचत होगी और लोडिंग/अनलोडिंग की लागत में भी कमी आएगी. इससे परिवहन सस्ता और सुविधाजनक हो जाएगा.

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