7 डिजिट सीरीज घोटाले में नया मोड़, परिवहन विभाग की जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल

Jaipur News: जयपुर में 7 डिजिट सीरीज के घोटाले में परिवहन मुख्यालय की जांच रिपोर्ट को लेकर ही सवाल खड़े होने लगे हैं. परिवहन विभाग ने 11336 वाहनों के बैकलॉग की जांच की है.

7 डिजिट सीरीज घोटाले में नया मोड़, परिवहन विभाग की जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल
Image Credit: Jaipur Transport Department

Jaipur News: राजस्थान के जयपुर में 7 डिजिट सीरीज के घोटाले में परिवहन मुख्यालय की जांच रिपोर्ट को लेकर ही सवाल खड़े होने लगे हैं. परिवहन विभाग ने 11336 वाहनों के बैकलॉग की जांच की है. जबकि 7 डिजिट सीरीज के 35 हजार वाहनों का बैकलॉग किया गया है. दूसरी तरफ डेडलाइन निकल जाने के बाद भी एक भी परिवहन कार्यालय में दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं हुई है.

परिवहन विभाग में 7 डिजिट सीरीज के घोटाले को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. परिवहन मुख्यालय की ओर से आरटीओ और डीटीओ अधिकारियों को दोषी कार्मिकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए 2 बार पत्र लिखा जा चुका है. पहले 20 नवंबर को और इसके बाद 9 दिसंबर को परिवहन मुख्यालय ने प्रदेशभर के आरटीओ-डीटीओ को पत्र लिखा था कि इन सभी मामलों में दोषी कार्मिकों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कराए जाएं.

Add Zee News as a Preferred Source

इन मामलों में दोषी एजेंटों और वाहन मालिकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा गया है. हालांकि इस पूरे मामले में एक नया तथ्य सामने आया है. वास्तव में परिवहन विभाग ने महज 11336 वाहनों के बैकलॉग की ही जांच कराई है, जबकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि 7 डिजिट सीरीज के कुल 35 हजार वाहनों का बैकलॉग किया गया है.

ऐसे में बचे हुए नंबरों की जांच क्यों नहीं की जा रही है. इसे लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. आपको बता दें कि परिवहन मुख्यालय ने जिन 11336 वाहनों की जांच की है, उसमें 315 कार्मिकों को दोषी मानते हुए करीब 500 करोड़ के घोटाले की बात कही जा रही है.

जांच रिपोर्ट पर इसलिए खड़े हुए सवाल

परिवहन विभाग में अब तक 5.50 लाख से अधिक वाहनों का बैकलॉग हुआ. 7 डिजिट सीरीज के कुल 35 हजार वाहनों का बैकलॉग किया गया. 9500 वीआईपी नंबरों में प्रोसीजरल लैप्सेस पाए गए. वहीं विभाग में उप वित्तीय सलाहकार द्वारा वित्त विभाग को एक रिपोर्ट की चर्चा भेजी. इस रिपोर्ट में विभाग ने माना कि 7 डिजिट सीरीज में राजस्व नुकसान नहीं हुआ. इसमें लिखा बैकलॉग एंट्रीज से राज्य सरकार को कोई राजस्व नुकसान नहीं हुआ.

दूसरी तरफ परिवहन मुख्यालय ने प्रदेशभर के आरटीओ-डीटीओ को दोषी कार्मिकों के खिलाफ 30 दिसंबर तक एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा था, लेकिन अभी तक एक भी आरटीओ या डीटीओ ने एफआईआर दर्ज नहीं कराई है. मुख्यालय ने अपने आदेश में साफ लिखा था कि आरटीओ कार्यालय में खुद आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों के डीटीओ एफआईआर दर्ज कराएंगे.

वहीं कुछ आरटीओ अपने अधीनस्थ डीटीओ पर एफआईआर करवाने के लिए दबाव डाल रहे हैं. कुल मिलाकर इस पूरे मामले में परिवहन विभाग अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पा रहा है. एक तरफ जहां आरटीओ-डीटीओ किसी भी वित्तीय अनियमितता से इनकार कर रहे हैं. वहीं परिवहन मुख्यालय निचले अधिकारियों पर दोषी कर्मियों के खिलाफ दबाव बनाने में लगा हुआ है.

राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएंJaipur Newsहर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author

Aman Singh

Aman Singh

अमन सिंह को डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव है और वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. वे राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर रखते हैं और उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अच्छे तरीके से प्रस्तुत करने में सक्षम हैं. करीब 3 साल के डिजिटल मीडिया अनुभव के साथ अमन ने न्यूज़ प्रोडक्शन, कंटेंट क्रिएशन और स्टोरीटेलिंग में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.
Read More