Shanti Dhariwal का केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप, मांगने पर भी नहीं मिल रही सहायता

राजस्थान में 10 मई से लॉक डाउन (Lockdown) है. प्रदेश में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 2 लाख के करीब पहुंचने पर यह बड़ा निर्णय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लिया है. 

Shanti Dhariwal का केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप, मांगने पर भी नहीं मिल रही सहायता
यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल

Jaipur : राजस्थान में 10 मई से लॉक डाउन (Lockdown) है. प्रदेश में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 2 लाख के करीब पहुंचने पर यह बड़ा निर्णय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लिया है. यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल (UDH Minister Shanti Dhariwal) ने ज़ी मीडिया से खास बातचीत में कहा कि लॉक डाउन के अलावा कोई अन्य विकल्प सरकार के पास फिलहाल नहीं था, क्योंकि केंद्र सरकार पूरी तरह सहयोग नहीं कर रही है. बात चाहे ऑक्सीजन आपूर्ति की हो या जीवन रक्षक दवाओं की. राजस्थान का कोटा मरीजों की संख्या के अनुपात में बढ़ाया नहीं जा रहा है.

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यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि राजस्थान सरकार (Rajasthan Government ) लगातार मांग कर रही है कि प्रदेश का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाया जाए और जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति के साथ-साथ वैक्सीनेशन के काम में भी तेजी लाई जाए, लेकिन यह तमाम चीजें केंद्र ने अपने हाथ में ले रखी हैं, जिसका असर यहां पर मरीजों और प्रभावितों के इलाज पर हो रहा है. 

तीन मंत्रियों के समूह की दिल्ली यात्रा का भी कोई परिणाम नहीं निकल पाया है. केंद्र सरकार एक हाथ से देती है तो दूसरे हाथ से ले रही है. मुख्यमंत्री भी केंद्र सरकार (Central Government ) से लगातार संसाधन और चिकित्सा उपकरण उपलब्धता की मांग कर रहे हैं. अब सरकार अपने स्तर पर कोरोना नियंत्रण और प्रबंधन में जुटी हुई है. इसके तहत विदेशों से 50,000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मंगवाए गए हैं.

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने तमाम चीजें अपने हाथ में ले रखी हैं. ऐसे में मनमर्जी से हो रहा आवंटन मरीजों पर भारी पड़ रहा है. वैक्सीन लगाने में भी कोई सहयोग नहीं दिया जा रहा है,  केंद्र और राज्य के लिए वैक्सीन कीमतें भी अलग-अलग निर्धारित की गई है.

राजस्थान में 10 मई से लगने वाले लॉक डाउन पर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि यह अंतिम विकल्प सरकार के पास था, अगर केंद्र सरकार समय रहते चिकित्सा उपकरण, संसाधन और सुविधाएं राज्य सरकार को उपलब्ध करती तो ज्यादा प्रभावी ढंग से कोरोना प्रभावित मरीजों का इलाज हो पाता. मजबूरन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक कड़ा निर्णय लेना पड़ा है. इसके बावजूद लॉकडाउन एकदम से नहीं लगाया गया है 3 दिन का समय आम जनता को रोजमर्रा और जरूरत की चीजें खरीदने के लिए दिया गया है.

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल ने कहा है कि केंद्र अगर मदद नहीं भी करता है तो भी राजस्थान सरकार न केवल प्रत्येक प्रदेश वासी का वैक्सीनेशन करवाएगी साथ ही उनके उपचार मैं भी कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी. वही इस मसले पर प्रदेश भाजपा का कहना है कि उनके सांसद और स्थानीय इकाई लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में रहकर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कह रही है. बहरहाल राजनीतिक बयानबाजी कुछ भी हो, फिलहाल बढ़ रही कोरोनावायरस की रफ्तार शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों में भी चिंता का विषय बनती जा रही है.

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