गांवों के 100 दिमाग बदलेंगे रोजगार की तस्वीर, Gehlot सरकार ने तैयार किया खास प्लान

हंड्रेस माइंड्स कॉन्सेप्ट के लिए राजस्थान कौशल विकास विभाग ने कदम बढ़ा दिए हैं. 

गांवों के 100 दिमाग बदलेंगे रोजगार की तस्वीर, Gehlot सरकार ने तैयार किया खास प्लान
हंड्रेस माइंड्स कॉन्सेप्ट के लिए राजस्थान कौशल विकास विभाग ने कदम बढ़ा दिए हैं.

Jaipur: राजस्थान (Rajasthan) के ग्रामीण अंचल में नई रोजगार संभावनाओं का सृजन कौशल से होगा. इस पहल के तहत गहलोत सरकार (Gehlot Government) 10 हजार ग्राम पंचायतों में 10 लाख युवाओं के स्किल को निखारेगी. 

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इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक संभावनाओं को मजबूती मिलेगी. साथ ही गांवों से शहरों की ओर हो रहा पलायन भी रूक सकेगा. ग्रामीण युवाओं की ब्रेन स्ट्रोमिंग को राजस्थान की भावी विकास की तस्वीर से जोड़कर देखा जा रहा है. आत्मनिर्भर गांव आने वाले दिनों में राजस्थान और देश की दशा और दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन करेंगे. हंड्रेस माइंड्स कॉन्सेप्ट के लिए राजस्थान कौशल विकास विभाग ने कदम बढ़ा दिए हैं. 

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चाइना की तर्ज पर युवाओं की स्किल परखने और स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए गहलोत सरकार खास प्लान तैयार कर रही है. इसके लिए राज्य सरकार ने 100 (hundred minds) प्लान तैयार किया. शहर की तरह गांव के युवा भी स्किल में पारंगत हो. युवाओं को स्थानीय पंचायत स्तर पर काम की दक्षता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार 10 लाख से ज्यादा युवाओं से संवाद करेगी, जिसके जरिए सरकारी स्तर पर हर पंचायत स्तर से रोजगार को लेकर युवाओं के आइडियाज लिए जाएंगे. वहीं युवाओं को कौशल के आधार पर सरकार उनकी मदद कर उन्हें रोजगार के लिए प्रेरित करेगी. 

क्या कहना है मंत्री अशोक चांदना का
मंत्री अशोक चांदना (Ashok Chandana) ने कहा कि इसके लिए हमने सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं. इससे युवाओं को रोजगार में मदद मिलेगी. माना जा रहा है कि 20 अगस्त के बाद सरकार कभी भी संवाद कार्यक्रम रख सकती है, जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) भी मौजूद रहेंगे.

खास- खास

  • 10,00000 लाख से ज्यादा युवाओं से संवाद का कार्यक्रम
  • 10,000 से ज्यादा ग्राम पंचायतों से युवा चुने जाएंगे
  • 100 युवा हर ग्राम पंचायत से चुनने का दिया लक्ष्य
  • 352 पंचायत समितियां (हर पंचायत समिति पर एक एक कॉर्डिनेटर लगाया)

स्वरोजगार में रूचि रखने वाले युवाओं की सूची बनाने में जुट गए
सरकार की मंशा के अनुरूप अधिकारियों को डेटा तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं, जिसके बाद अधिकारी पंचायत स्तर पर स्वरोजगार में रूचि रखने वाले युवाओं की सूची बनाने में जुट गए हैं. कोरोनाकाल में युवाओं के लिए सरकार की योजना महत्पूर्ण साबित हो सकती है. वहीं, सरकार भी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए युवाओं को जोड़ने के लिए रोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगी. वहीं पंचायत स्तर से युवाओं के कॉन्टेक्ट नंबर आने से सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उन तक सीधे पहुंचा पाएगी.