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Jaipur News: जिले के शाहपुरा क्षेत्र में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है. सड़कों के किनारे लगे ट्रांसफॉर्मरों और बिजली की लाइनों पर बेलें चढ़ चुकी हैं, वहीं कई जगह पोल और तार पूरी तरह झाड़ियों से ढके नजर आते हैं. विभाग की इस उपेक्षा ने ग्रामीणों को परेशानी और हादसों के खतरे के बीच जीने को मजबूर कर दिया है.
मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती
डिस्कॉम की ओर से अक्सर मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती की जाती है. दावा किया जाता है कि इस दौरान ढीले तारों को कसा जा रहा है, पोल और ट्रांसफॉर्मरों का रख-रखाव किया जा रहा है लेकिन हालात यह हैं कि जिन जगहों पर नियमित देखभाल होनी चाहिए, वहां उल्टा तार और पोल बेलों से घिरकर खतरा बनते जा रहे हैं. तस्वीरें साफ दिखाती हैं कि विभागीय कर्मचारी और ठेकेदार अपने काम को लेकर कितने गंभीर हैं.
स्पार्किंग की घटनाएं आम
ग्रामीण बताते हैं कि कई इलाकों में पोल इतने ज्यादा बेलों और झाड़ियों से ढक गए हैं कि पहली नजर में वे दिखते ही नहीं. नतीजा यह होता है कि स्पार्किंग की घटनाएं आम हो गई हैं और घंटों तक बिजली गुल रहती है. यही नहीं, बिजली कटने के बाद पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो जाती है, जिससे गांव-ढाणियों में पानी की किल्लत और बढ़ जाती है.
कई बार हो चुकी है शिकायत
शाहपुरा ही नहीं, बल्कि आसपास के अधिकांश गांवों में जर्जर पोल, ढीले तार और बेलों से घिरे ट्रांसफॉर्मर आम नजारा बन चुके हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या को लेकर बिजली विभाग और स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला.
लोगों का आरोप है कि विभाग सिर्फ कागजों पर मेंटिनेंस का दावा करता है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस हैं. ऐसे में अगर समय रहते इन पोलों और तारों की सफाई व मरम्मत नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
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