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Zee JLF 2018 के दूसरे दिन अनुराग कश्यप और नंदिता दास ने की खुलकर बात, दिखी युवाओं की भीड़

अनुराग कश्यप ने कहा कि एक गाली को लेकर काफी विवाद हुआ जिसका मतलब होता है बेवकूफ

Zee JLF 2018 के दूसरे दिन अनुराग कश्यप और नंदिता दास ने की खुलकर बात, दिखी युवाओं की भीड़
सेशन में अनुराग कश्यप ने मंच से खुलकर बोलते हुए अपने कुछ अनुभव साझा किए

आशुतोष शर्मा, जयपुर: Zee जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2018 के 11वें संस्करण के दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह 9 बजे से संगीत की मधुर प्रस्तुति के साथ शुरूआत हुई. डिग्गी पैलेस के फ्रंट लॉन में आयोजित इस संगीत प्रस्तुति में बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे. आपको बता दें कि जी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे दिन 6 पांडालों में कुल 47 सेशन का आयोजन किया जाएगा तो वहीं इस दौरान विभिन्न सेशन्स में 4 बुक लॉन्च भी होंगी. सुबह के सेशन में कल्चरल करी, लैटर्स टू गांधी, बदलाव वाले कवि, अनुराग कश्यप, अम्बेडकर एण्ड लेजेसी पर साहित्यकारों ने अपने विचार रखे. अम्बेडकर एण्ड लेजेसी पर जहां दलितों पर खुलकर विचार रखे गए तो कल्चल करी सेशन के बाद नंदिता दास ने फिल्म पद्मावत और महिला सशक्तिकरण पर खुलकर अपने विचार रखे. लेटर्स टू गांधी सेशन्स में गांधी जी के लेटर्स की यात्रा पर विस्तार से चर्चा की गई.

अनुराग कश्यप ने खोला एक 'गाली' का राज
आज सुबह के सेशन में अनुराग कश्यप का सेशन काफी महत्वपूर्ण रहा. सेशन में अनुराग कश्यप ने मंच से खुलकर बोलते हुए अपने कुछ अनुभव साझा किए. अनुराग कश्यप ने कहा कि एक गाली को लेकर काफी विवाद हुआ जिसका मतलब होता है बेवकूफ. लेकिन इस गाली पर बहुत विवाद हुआ. जिसके बाद इस शब्द को लेकर उन्होंने सेंसर बोर्ड को पत्र लिखा. उसके बाद ये प्रमाणित हुआ की ये गाली नहीं सिर्फ एक शब्द है. इसके साथ ही लगातार दूसरे दिन सभी सेशन में फिल्म पद्मावत का मुद्दा भी छाया रहा.

खुलकर बोलीं नंदिता दास
जी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2018 के 11वें संस्करण में आज दूसरे दिन मशहूर फिल्म अभिनेत्री नंदिता दास ने शिरकत की. अपने सेशन कल्चरल करी के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए नंदिता दास ने खुलकर अपने विचार रखे. फिल्म पद्मावत पर खुलकर बोलते हुए नंदिता दास ने कहा, "कुछ लोग ये तय नहीं कर सकते की किसको क्या देखना चाहिए और क्या नहीं. लोकतंत्र में सभी को अपनी अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का अधिकार है."

करणी सेना पर भड़कीं नंदिता
नंदिता दास ने करणी सेना पर खुलकर हमला करते हुए कहा, "करणी सेना को विरोध की जगह ये करना चाहिए कि वो लोगों को फिल्म देखने से रोकें ना ही सड़कों पर जाम लगाएं. इतिहास से जुड़ी फिल्में पहले भी कई आई हैं और किसी फिल्म को देखे बिना ये तय नहीं किया जा सकता कि इसमें आखिर विवादित क्या है."

महिला सशक्तिकरण पर भी बोलीं नंदिता
इसके साथ ही नंदिता दास ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलते हुए कहा, "वर्तमान में तो क्या भविष्य में भी वो दिन अभी दिखाई नहीं दे रहे हैं जब महिलाओं को वो अधिकार मिल सके कि वो पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलकर चल सकें. ये सिर्फ एक सोच का अंतर है और जिस दिन ये सोच बदल जाएगी उस दिन सही मायनों में महिला सशक्तिकरण होगा."

दूसरे दिन भी पहुंची युवाओं की भीड़
जेएलएफ 2018 के दूसरे दिन भी आज बड़ी संख्या में लोगों का रुझान देखने को मिला. सुबह से ही युवाओं की भीड़ जहां जेएलएफ में पहुंची तो वहीं अपने पसंदीदा साहित्यकारों के साथ सवाल-जवाब के सेशन भी चले. आज भी सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत है. डीसीपी साउथ योगेश दाधीच सुबह 8 बजे से ही मौके पर पूरी टीम के साथ मुस्तैद हैं.

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